1000 करोड़ का ऑफर और डिप्टी सीएम पद? हुमायूं कबीर के वायरल वीडियो पर TMC का बड़ा दावा

पश्चिम बंगाल (West Bengal) में आगामी चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के चेयरमैन Humayun Kabir (हुमायूं कबीर) के एक वायरल वीडियो को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस 19 मिनट के वीडियो में कथित तौर पर हुमायूं कबीर को Bharatiya Janata Party (BJP) नेताओं के साथ ₹1000 करोड़ की डील पर चर्चा करते हुए दिखाया जा रहा है। हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि मीडिया द्वारा नहीं की गई है। वीडियो सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

वीडियो में चुनावी रणनीति और सत्ता की चर्चा:
वायरल वीडियो में हुमायूं कबीर यह दावा करते नजर आते हैं कि उनका उद्देश्य मुख्यमंत्री Mamata Banerjee (ममता बनर्जी) को किसी भी कीमत पर सत्ता से हटाना है। वीडियो में यह भी कहा जा रहा है कि यदि उन्हें 60-70 सीटें मिलती हैं तो वे Deputy Chief Minister (डिप्टी सीएम) भी बन सकते हैं। यह बयान सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है। हालांकि Humayun Kabir (हुमायूं कबीर) ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह फर्जी बताते हुए कहा है कि यह वीडियो Artificial Intelligence (AI) के जरिए बनाया गया है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में कोर्ट का रुख करेंगे और वीडियो जारी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।

TMC की प्रतिक्रिया और आरोप-प्रत्यारोप:
Trinamool Congress (TMC) के नेता Kunal Ghosh (कुणाल घोष) ने इस वायरल वीडियो को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हुमायूं कबीर का संबंध Suvendu Adhikari (सुवेंदु अधिकारी), Prime Minister Office (PMO), Madhya Pradesh Chief Minister Mohan Yadav (मोहन यादव) और Assam Chief Minister Himanta Biswa Sarma (हिमंता बिस्वा सरमा) से बताया जा रहा है। कुणाल घोष ने यह भी सवाल उठाया कि Enforcement Directorate (ED) इस मामले में चुप क्यों है और जांच क्यों नहीं कर रही। TMC ने आरोप लगाया कि Bharatiya Janata Party (BJP) द्वारा राजनीतिक लाभ के लिए अलग-अलग रणनीतियां बनाई जा रही हैं।

चुनावी गणित और गठबंधन की स्थिति:
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कुल 294 सीटों में से Humayun Kabir (हुमायूं कबीर) की पार्टी 118 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। उनकी पार्टी का गठबंधन Asaduddin Owaisi (असदुद्दीन ओवैसी) की पार्टी AIMIM के साथ बताया जा रहा है। राज्य में मतदान दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होना है, जबकि चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। इस चुनावी समीकरण ने राजनीतिक दलों के बीच प्रतिस्पर्धा को और भी तीव्र कर दिया है।

हुमायूं कबीर का पलटवार और सफाई:
Humayun Kabir (हुमायूं कबीर) ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने कभी भी Himanta Biswa Sarma (हिमंता बिस्वा सरमा) या Mohan Yadav (मोहन यादव) से मुलाकात नहीं की और न ही कभी बातचीत हुई। उन्होंने यह भी दावा किया कि वीडियो में जो बातचीत दिखाई गई है वह पूरी तरह मनगढ़ंत और गलत तरीके से प्रस्तुत की गई है। उनके अनुसार, यह चुनावी माहौल को प्रभावित करने की साजिश है।

राजनीतिक विवाद और पहले के बयान:
Humayun Kabir (हुमायूं कबीर) पहले भी अपने विवादित बयानों और गतिविधियों को लेकर चर्चा में रहे हैं। उन्होंने 6 दिसंबर 2025 को Murshidabad (मुर्शिदाबाद) में Babri Masjid (बाबरी मस्जिद) की नींव रखी थी, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी थी। इस आयोजन को लेकर भी राज्य में राजनीतिक बहस तेज हुई थी। उस समय उन्होंने कहा था कि 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद का शिलान्यास किया जाएगा और यह एक भावनात्मक मुद्दा है। यह मामला भी लंबे समय तक चर्चा में रहा।

सियासी माहौल में बढ़ता तनाव:
वायरल वीडियो और आरोपों के बाद पश्चिम बंगाल का चुनावी माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया है। एक ओर राजनीतिक दल एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जांच एजेंसियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति को नई दिशा दे दी है, जहां हर बयान और वीडियो अब चुनावी समीकरणों को प्रभावित करता नजर आ रहा है।


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