“15 घंटे अंधेरे में देवी धाम! आखिर क्यों मोबाइल की रोशनी में करनी पड़ी आरती?”

मां विंध्यवासिनी धाम (Vindhyavasini Dham) में शनिवार की रात अचानक बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे पूरा धाम अंधेरे में डूब गया। ऑटोमेटिक चेंजर (Automatic Changer) में आई तकनीकी खराबी के कारण करीब 15 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इस दौरान श्रद्धालुओं को दर्शन और पूजा में भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। शनिवार की देर रात और रविवार की सुबह की आरतियां मोबाइल की रोशनी में पूरी की गईं।

तकनीकी खराबी से धाम में छाया अंधेरा:
शनिवार की देर रात लगभग 9 बजे विंध्यधाम (Vindhyadham) की बिजली अचानक चली गई। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में अंधेरा छा गया। मंदिर प्रबंधन ने तत्काल बिजली निगम (Electricity Department) को समस्या की सूचना दी। सूचना मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पहुंची और फॉल्ट खोजने में जुट गई। लेकिन रातभर की कोशिशों के बावजूद खराबी का पता नहीं चल सका।

मोबाइल की रोशनी में हुई आरतियां:
बिजली न आने के कारण शनिवार की रात माता की शयन आरती और रविवार की सुबह मंगला आरती श्रद्धालुओं ने मोबाइल टॉर्च की रोशनी में पूरी की। भक्तों के चेहरों पर निराशा साफ झलक रही थी, लेकिन फिर भी उन्होंने श्रद्धा और भक्ति के साथ आरती में भाग लिया। वातावरण में भले ही अंधेरा था, पर भक्ति का उजाला बना रहा।

80 हजार श्रद्धालु हुए प्रभावित:
बिजली गुल रहने से मां विंध्यवासिनी धाम में करीब 80 हजार श्रद्धालु प्रभावित हुए। दर्शन और पूजन में उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा। गर्मी और उमस ने भी परेशानी बढ़ा दी। कई श्रद्धालु जो दूरदराज से पहुंचे थे, उन्हें बिना प्रकाश और पंखे के कठिनाई का सामना करना पड़ा। मंदिर के आसपास स्थित दुकानदारों और सेवाधारकों को भी अंधेरे में कार्य करना पड़ा।

रविवार दोपहर में बहाल हुई आपूर्ति:
बिजली निगम की तकनीकी टीम ने लगातार प्रयास के बाद रविवार की दोपहर तक ऑटोमेटिक चेंजर की खराबी को ठीक कर लिया। इसके बाद धाम में बिजली आपूर्ति बहाल हुई तो श्रद्धालुओं और प्रबंधन ने राहत की सांस ली।


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डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय संवाददाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

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