लखनऊ: अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिए योगी सरकार की बड़ी राहत

लखनऊ (Lucknow) में आयोजित योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में मंगलवार को कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर खेलों में हिस्सा लेने वाले प्रदेश के नियुक्त खिलाड़ियों को बड़ी सुविधा प्रदान की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि खिलाड़ी जब भी किसी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता, ट्रेनिंग कैंप या संबंधित गतिविधि में शामिल होंगे, उस पूरी अवधि को उनकी ड्यूटी माना जाएगा। इसमें आवागमन की अवधि भी शामिल रहेगी। इस निर्णय के बाद खिलाड़ियों को अनुमति लेने में होने वाली दिक्कतें काफी हद तक खत्म हो जाएंगी।

खिलाड़ियों की अनुमति प्रक्रिया में सुधार:
कैबिनेट बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना (Suresh Khanna) ने बताया कि पहले तक अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता सीधी भर्ती नियमावली-2022 में ऐसी कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी। सेवा नियमावली में अवकाश से जुड़े प्रावधानों की कमी के कारण खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं या प्रशिक्षण शिविरों में जाने के लिए अनुमति प्राप्त करने में परेशानी का सामना करना पड़ता था। नए फैसले से यह प्रक्रिया आसान होगी और खिलाड़ी बिना किसी बाधा के खेल गतिविधियों में हिस्सा ले सकेंगे।

नए नियम से बढ़ेगा खेल करियर का दायरा:
नई व्यवस्था लागू होने के बाद नियुक्त खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करने के अवसर और भी आसान हो जाएंगे। सरकार का मानना है कि यह कदम न केवल खिलाड़ियों को उनके खेल करियर में आगे बढ़ने का मौका देगा, बल्कि राज्य की ओर से होने वाले प्रतिनिधित्व को भी मजबूत करेगा। इससे युवाओं में खेलों के प्रति उत्साह बढ़ेगा और प्रदेश के अधिक खिलाड़ी बड़े मंचों तक पहुंच सकेंगे।

वाराणसी स्टेडियम साई (SAI) को सौंपने पर मुहर:
कैबिनेट ने वाराणसी (Varanasi) में निर्माणाधीन डॉ. सम्पूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिगरा के संचालन, प्रबंधन और रखरखाव के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (Sports Authority of India – SAI) के साथ हुए एमओयू को मंजूरी दे दी। यह स्टेडियम ‘खेलो इंडिया’ योजना के तहत विकसित किया जा रहा है और आधुनिक स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का एक बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।

नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से मिलेगा बड़ा अवसर:
एमओयू के तहत स्टेडियम परिसर में मौजूद सभी खेल सुविधाएं—भवन, ढांचा, मैदान और अन्य खेल अवसंरचनाएं—SAI को सौंप दी जाएंगी। इसके बाद यहां नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना और संचालन सुचारु रूप से किया जाएगा। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि इस केंद्र के शुरू होने से प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध होंगी। विभिन्न आयु वर्गों और खेल विधाओं के खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व को मिलेगा संबल:
सरकार का मानना है कि इस परियोजना के लागू होने से उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के खिलाड़ी न केवल खेल कौशल में निखार ला पाएंगे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर राज्य का प्रतिनिधित्व भी और मजबूत तरीके से कर सकेंगे। इससे खिलाड़ियों के भविष्य में रोजगार और करियर दोनों की संभावनाएं बढ़ेंगी। साथ ही वाराणसी देश के प्रमुख खेल केंद्रों में तीव्र गति से उभर सकता है।

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