वाराणसी (वाराणसी [Varanasi]) में मंत्री रविंद्र जायसवाल द्वारा उठाए गए ‘वोट जिहाद’ के दावे को यूपी निर्वाचन आयोग (UP Election Commission) ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा (Navdeep Rinwa) ने सोमवार को वाराणसी पहुंचकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मंत्री द्वारा प्रस्तुत फर्जी मतदाताओं की सूची की जांच में कुल 9000 नामों में केवल 9 डुप्लीकेट वोटर ही मिले।
पहले चरण की जांच में मिले परिणाम:
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पहले चरण के सत्यापन में लगभग 4500 मतदाताओं की जानकारी की गई। इसमें केवल 9 मतदाता डुप्लीकेट पाए गए। मंत्री ने दावा किया था कि एक लाख वोट कम किए गए हैं, लेकिन सत्यापन में केवल कुछ ही नाम ऐसे मिले जो दोहराए गए या अन्य कारणों से डुप्लीकेट थे।
ड्राफ्ट लिस्ट और नोटिस प्रक्रिया:
CEO ने कहा कि 6 जनवरी को प्रकाशित ड्राफ्ट लिस्ट में ‘नो मैपिंग’ (No Mapping) के 1.04 करोड़ और ‘तार्किक विसंगतियों’ (Logical Discrepancy) के 2.22 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किया जाना है। अब तक करीब 1.09 करोड़ नोटिस दिए जा चुके हैं। नोटिस देने के साथ-साथ सुनवाई की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है।
नो मैपिंग और तार्किक विसंगति क्या है:
नो मैपिंग तब होती है जब किसी मतदाता का नाम वर्तमान लिस्ट में है लेकिन उसका मिलान पुराने रिकॉर्ड्स (2002 या 2005) से नहीं हो पाता। तार्किक विसंगति तब होती है जब वोटर की जानकारी में विरोधाभास होता है, जैसे एक ही व्यक्ति का दो जगह नाम होना या उम्र/पते में भिन्नता होना।
फाइनल सूची 10 अप्रैल को जारी:
नवदीप रिणवा ने कहा कि फाइनल वोटर लिस्ट 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित की जाएगी। यह सूची भविष्य के सभी चुनावों के लिए स्थायी रिकॉर्ड के रूप में उपयोग होगी। मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रगति और आगामी चरणों का पूरा होमवर्क कर लिया गया है।
फर्जी फार्म पर होगी कार्रवाई:
CEO ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी व्यक्ति ने जानबूझकर फर्जी जानकारी दी है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किसी निर्दोष मतदाता को परेशान नहीं किया जाएगा। आयोग की प्राथमिकता मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखना और जनता का विश्वास कायम रखना है।
नागरिकों से अपील:
निर्वाचन आयोग ने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे अपने नाम और विवरण की जांच करें और किसी भी त्रुटि को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधार कराएं। आयोग का प्रयास है कि अंतिम सूची भरोसेमंद और स्थायी दस्तावेज के रूप में रहे।
कुल नोटिस और सुनवाई की स्थिति:
CEO ने बताया कि यूपी में एक करोड़ 4 लाख लोगों को नोटिस भेजा जा रहा है। अब तक प्रथम ड्राफ्ट लिस्ट में 12 करोड़ 55 लाख नाम आए हैं। जिन्हें जोड़ने और अपडेट करने का काम जारी है। 86 लाख से अधिक आवेदनों पर सुनवाई पूरी हो चुकी है।
मंत्री रविंद्र जायसवाल के दावे:
मंत्री रविंद्र जायसवाल ने 12 फरवरी को वाराणसी में प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि काशी में वोट जिहाद हो रहा है और उनकी विधानसभा से एक लाख वोट कम हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा खेल कांग्रेस पार्टी का है। आयोग की जांच में यह दावा पूरी तरह गलत साबित हुआ।
निष्कर्ष:
यूपी निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट कर दिया कि वोट जिहाद के दावे में कोई तथ्य नहीं है। केवल कुछ डुप्लीकेट और तकनीकी विसंगतियां मिली हैं, जिनका समुचित समाधान किया जा रहा है।
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