लखनऊ (Lucknow) में सोमवार को लोक जनशक्ति पार्टी (Lok Janshakti Party) के कार्यकर्ताओं ने सीएमओ कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। तकरोही स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई की मांग की। इस दौरान पीड़ित परिवार के सदस्य भी प्रदर्शन में शामिल हुए और नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने सीएमओ पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक (Brajesh Pathak) के निर्देशों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया। कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर सीएमओ कार्यालय पहुंचे। इन तख्तियों पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के पत्र की हैसियत जीरो होने जैसी बातें लिखी थीं।
सीएमओ कार्यालय के बाहर करीब आधे घंटे प्रदर्शन:
लोक जनशक्ति पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सीएमओ कार्यालय के गेट पर करीब आधे घंटे तक डटे रहकर विरोध जताया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘सीएमओ होश में आओ’, ‘घूसखोरी बंद करो’ और ‘स्वास्थ्य मंत्री जी, भ्रष्टाचारी सीएमओ को तुरंत हटाओ’ जैसे नारे लगाए।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर वे लगातार आवाज उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि संबंधित अधिकारियों के निर्देश के बावजूद अस्पताल के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं की गई है।
‘गुमराह करके अस्पताल में कराया भर्ती’:
लोक जनशक्ति पार्टी की महिला प्रदेश अध्यक्ष आरती पांडे ने आरोप लगाया कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है। उन्होंने बताया कि 12 जुलाई को तकरोही निवासी शाजिया को प्रसव पीड़ा होने पर उनके परिजन नजदीकी निजी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। वहां महिला को भर्ती कर लिया गया।
आरती पांडे के मुताबिक, अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को बताया कि ऑपरेशन के जरिए प्रसव कराया जाएगा। परिवार ने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी मांगी तो उन्हें भरोसा दिलाया गया कि अस्पताल में जरूरी सभी व्यवस्थाएं मौजूद हैं और किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। आरोप है कि इसी भरोसे के बाद परिवार ने शाजिया को अस्पताल में भर्ती कराया।
इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप:
आरती पांडे ने आरोप लगाया कि अस्पताल में नवजात के इलाज के लिए नवजात गहन चिकित्सा इकाई समेत जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। इसके बावजूद परिवार को अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में भरोसा दिलाकर महिला को भर्ती किया गया।
उनके अनुसार, प्रसव के बाद नवजात की हालत बिगड़ गई। नवजात गहन चिकित्सा इकाई की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे समय पर उचित उपचार नहीं मिल सका और उसकी मौत हो गई।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि प्रसव के बाद शाजिया की हालत भी बिगड़ने लगी। आरोप है कि अस्पताल ने समय रहते उसे दूसरे अस्पताल के लिए रेफर नहीं किया और न ही उचित उपचार उपलब्ध कराया। इसके बाद शाजिया की भी मौत हो गई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अस्पताल की कथित लापरवाही के कारण जच्चा और बच्चा दोनों की जान चली गई।
प्रदर्शन के दौरान अस्पताल पर इलाज के नाम पर अवैध वसूली किए जाने का आरोप भी लगाया गया। हालांकि, ये आरोप प्रदर्शनकारियों और पीड़ित परिवार की ओर से लगाए गए हैं।
अस्पताल सील करने की उठी मांग:
मृतका के पति चांद ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से मुलाकात की थी। उनके मुताबिक, डिप्टी सीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ को जांच के निर्देश दिए थे। चांद का आरोप है कि इसके बावजूद अब तक अस्पताल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि डिप्टी सीएम के निर्देश के बावजूद कार्रवाई नहीं होना गंभीर विषय है। उन्होंने मांग की कि संबंधित निजी अस्पताल को सील किया जाए और इलाज में लापरवाही बरतने के आरोपों की जांच कर दोषी पाए जाने वाले डॉक्टरों तथा अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
जांच और कार्रवाई की मांग पर प्रदर्शन:
सीएमओ कार्यालय के घेराव के दौरान लोक जनशक्ति पार्टी के कार्यकर्ताओं और पीड़ित परिवार ने पूरे मामले में कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने और अस्पताल के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की।
यह मामला फिलहाल प्रदर्शनकारियों और पीड़ित परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों पर आधारित है। किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी ठहराने से पहले सक्षम स्तर पर जांच और संबंधित पक्ष का तथ्य सामने आना आवश्यक है।
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।
#Tags: #Lucknow #LokJanshaktiParty #BrajeshPathak #AartiPandey #CMOOffice #Takrohi
