वाराणसी (Varanasi) में शुक्रवार रात एक सीएनजी पंप पर लगी भीषण आग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना रात करीब 9:20 बजे वाराणसी-जौनपुर हाईवे (Varanasi-Jaunpur Highway) पर करखियाव (Karkhiyav) गांव के पास स्थित सीएनजी पंप पर हुई। बताया गया कि उस समय एक वाहन में सीएनजी भरी जा रही थी, तभी अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और लपटें करीब 40 फीट तक ऊंची उठने लगीं। घटना के बाद पंप पर मौजूद कर्मचारी अपनी जान बचाकर बाहर की ओर भागे।
गैस रिसाव और शॉर्ट सर्किट की आशंका:
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गैस रिसाव और वाहन में शॉर्ट सर्किट आग लगने की संभावित वजह मानी जा रही है। आग लगते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग की 12 गाड़ियों को राहत और बचाव कार्य में लगाया गया।
तत्काल बंद की गई गैस सप्लाई:
हादसे के तुरंत बाद पंप कर्मचारियों ने सतर्कता दिखाते हुए इमरजेंसी स्टॉप बटन दबाकर मुख्य स्टोरेज टैंक और कंप्रेशर से गैस की आपूर्ति रोक दी। इसके साथ ही अलार्म बजाकर सभी को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सूचना दी गई। कर्मचारियों ने मैन्युअल मास्टर शट-ऑफ वाल्व को बंद करने का भी प्रयास किया ताकि गैस का रिसाव आगे न बढ़ सके।
काफी प्रयासों के बाद वाल्व को बंद कर दिया गया, लेकिन तब तक कुछ पाइप और सिलेंडर आग की चपेट में आ चुके थे। गैस के दबाव के कारण आग की लपटें लगातार ऊंची उठ रही थीं, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई।
200 मीटर क्षेत्र कराया गया खाली:
सिलेंडर फटने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पंप के आसपास लगभग 200 मीटर क्षेत्र को खाली करा दिया। पंप पर मौजूद वाहनों और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया। किसी भी व्यक्ति को पंप की बाउंड्री, सड़क या आसपास खड़े होने की अनुमति नहीं दी गई।
आग की ऊंची लपटें देखकर आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। वहीं हाईवे से गुजर रहे कई वाहन चालक भी रुक गए और स्थिति का जायजा लेने लगे। सुरक्षा कारणों से पूरे क्षेत्र में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई।
सिलेंडरों को ठंडा करने में जुटी फायर ब्रिगेड:
दमकल कर्मियों ने आग पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार प्रयास किए। सीएनजी से जुड़ी आग होने के कारण सीधे पानी डालने का प्रभाव सीमित था। ऐसे में पहले गैस आपूर्ति को पूरी तरह बंद किया गया और फिर गर्म हो चुके सिलेंडरों को ठंडा करने के लिए उन पर लगातार पानी की बौछार की गई।
दमकल विभाग का मुख्य उद्देश्य सिलेंडरों को अत्यधिक गर्म होने से बचाना था, ताकि किसी प्रकार का उच्च दबाव विस्फोट न हो सके। इसके लिए रातभर राहत कार्य जारी रहा और अतिरिक्त दमकल वाहन भी बुलाए गए।
रात दो बजे आग पर पाया गया काबू:
लगातार कई घंटों की मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड ने रात करीब दो बजे आग पर नियंत्रण पा लिया। आग को फैलने से रोकने के लिए पंप के हाइड्रेंट सिस्टम का भी उपयोग किया गया, जिससे राहत कार्य में मदद मिली।
प्रशासन और पंप प्रबंधन ने दी जानकारी:
डीसीपी गोमती नीतू कादयान (Neetu Kadyan) ने बताया कि करखियाव स्थित सीएनजी पंप पर आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर सर्विस की टीमों को मौके पर भेजा गया। राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाया गया और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
वहीं बीडी वेंचर ग्रुप (BD Venture Group) से जुड़े राजेश अग्रवाल (Rajesh Agrawal) और कौस्तुभ अग्रवाल (Kaustubh Agrawal) ने बताया कि फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही पंप के हाइड्रेंट सिस्टम से लगातार पानी की आपूर्ति की गई, जिससे आग को फैलने से रोकने में महत्वपूर्ण सहायता मिली।
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