रिपोर्टर: हर्ष गुप्ता
जनपद में उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय समारोह का शनिवार को भव्य तरीके से समापन हुआ। 24 से 26 जनवरी तक चले इस आयोजन में शैक्षिक, सांस्कृतिक और विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं को प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों की सहभागिता देखने को मिली, जिससे आयोजन का माहौल उत्साह और रंगारंग गतिविधियों से भरा रहा।

आईटीआई कॉलेज, राजापुर में आयोजन:
आईटीआई कॉलेज, राजापुर (ITI College, Rajapur) परिसर में आयोजित इस तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश दिवस समारोह ने जिलेभर के विद्यालयों को एक मंच पर एकत्र किया। विभिन्न स्कूलों से आए बच्चों और शिक्षकों ने उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, शिक्षा के क्षेत्र में हुई उपलब्धियों और विकास की यात्रा को प्रस्तुत किया। आयोजन के दौरान परिसर में रचनात्मकता और नवाचार की झलक साफ दिखाई दी।
सांस्कृतिक विरासत की जीवंत प्रस्तुति:
कार्यक्रम के दौरान बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। नृत्य, गीत और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तर प्रदेश की परंपराओं और लोकसंस्कृति को जीवंत रूप में मंच पर उतारा गया। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को प्रदेश की विविध सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने का कार्य किया।
शैक्षिक मॉडल और रचनात्मक स्टॉल्स:
समारोह में लगाए गए शैक्षिक मॉडल, हस्तशिल्प और विकास आधारित स्टॉल्स ने भी सभी का ध्यान खींचा। विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता और ज्ञान के माध्यम से शिक्षा और विकास से जुड़े विषयों को सरल और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। इन स्टॉल्स के जरिए प्रदेश में शिक्षा और नवाचार की दिशा में हो रहे प्रयासों को दर्शाया गया।
मुख्य अतिथि ने किया प्रतिभाओं का सम्मान:
समापन समारोह के मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार (Abhishek Kumar) रहे। उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग (Basic Education Department) के प्रतिभाशाली अध्यापकों और विद्यार्थियों को उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों और आकर्षक स्टॉल्स के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। सम्मान पाकर विद्यार्थियों और शिक्षकों में उत्साह और प्रेरणा का माहौल देखने को मिला।
प्रेरणादायक संबोधन:
मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों की छिपी प्रतिभा को निखारने का अवसर प्रदान करते हैं। साथ ही ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और विकास से जोड़ने का कार्य भी करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ सांस्कृतिक जुड़ाव बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है।
तीन दिनों तक रहा उत्सव का माहौल:
तीन दिनों तक चले इस समारोह में जिले के विभिन्न हिस्सों से आए छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और आम नागरिकों ने सक्रिय सहभागिता की। पूरे आयोजन के दौरान उत्सव जैसा माहौल बना रहा। बच्चों की रचनात्मकता और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने कार्यक्रम को सफल और यादगार बनाया।
आयोजन के उद्देश्य पर रहा फोकस:
इस उत्तर प्रदेश दिवस समारोह का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की गौरवशाली परंपरा, सांस्कृतिक विविधता और विकासशील पहचान को जन-जन तक पहुंचाना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि उत्तर प्रदेश अपनी समृद्ध विरासत के साथ निरंतर प्रगति की राह पर आगे बढ़ रहा है।
आयोजकों और प्रतिभागियों की सराहना:
कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आयोजकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की सराहना की गई। सभी की सामूहिक सहभागिता और सहयोग से यह समारोह अपने उद्देश्य में सफल रहा और आने वाले समय के लिए एक सकारात्मक संदेश छोड़ गया।
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