रिपोर्ट: सऊद अंसारी
लखनऊ (Lucknow) के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय (Kasturba Gandhi Residential School) में पढ़ रही कई छात्राओं ने विद्यालय की प्रिंसिपल और वार्डन पर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। ये छात्राएं अपनी शिकायत लेकर शनिवार को मोहनलालगंज (Mohanlalganj) तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर जिलाधिकारी (District Magistrate) विशाख जी. (Visakh G.) के पास पहुंचीं। छात्राओं ने बताया कि विद्यालय में रात के समय कई आदमी (Several men at night) आते हैं। यदि कोई छात्रा उधर देखती है, तो प्रिंसिपल उसे गालियाँ (Abuses) देती हैं, पिटाई करती हैं और गंभीर धमकियाँ (Threats) देती हैं कि अगर यह बात किसी को बताई तो उन्हें मारकर फेंक दिया जाएगा और कोई पता भी नहीं लगा पाएगा। इस शिकायत ने शिक्षा और महिला सुरक्षा से जुड़े प्रशासनिक (Administrative) गलियारों में बड़ी हलचल पैदा कर दी है।
लिखित शिकायत में सफाई और भोजन की बदहाली का जिक्र:
जिलाधिकारी (DM) विशाख जी. (Visakh G.) को दी गई लिखित शिकायत में छात्राओं ने केवल रात के समय आने वाले बाहरी लोगों (Outsiders) की बात ही नहीं बताई, बल्कि स्कूल के अंदर के शोषण का भी खुलासा किया है। छात्राओं ने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल और वार्डन उनसे झाड़ू-पोंछा (Sweeping and mopping) और बाथरूम (Bathroom) तक साफ करवाती हैं। छात्राओं का कहना है कि रात में 5-6 गाड़ियों (5-6 vehicles) से लोग स्कूल परिसर में आते हैं। यदि किसी भी बच्ची ने उनकी ओर देखने की हिम्मत की, तो उसे बेरहमी से पीटा जाता है और गालियाँ दी जाती हैं। इसके अलावा, छात्रों ने सही से भोजन (Proper food) न मिलने की शिकायत भी की, जिससे उनकी मूलभूत जरूरतें भी पूरी नहीं हो रही हैं। बच्चियों ने अपनी सुरक्षा और गरिमा को देखते हुए साफ कह दिया है कि अब वे वापस स्कूल नहीं जाएंगी।
दशहरे की छुट्टी में खुली पोल, अभिभावकों ने देखे चोट के निशान:
विद्यालय में हो रहे इस बुरे बर्ताव का खुलासा तब हुआ जब छात्राएं नवरात्रि (Navratri) और दशहरे (Dussehra) की छुट्टियों पर अपने घर पहुंचीं। घर पहुँचने पर उन्होंने अपने अभिभावकों (Guardians) को अपने साथ हो रही पिटाई और धमकियों की पूरी कहानी बताई। बच्चियों ने अपने शरीर पर आई चोटों (Injuries) के निशान भी अपने माता-पिता को दिखाए, जिससे अभिभावक आक्रोशित हो उठे। जिलाधिकारी (DM) को दिए गए शिकायती पत्र (Complaint Letter) पर सभी अभिभावकों ने हस्ताक्षर (Signatures) किए हैं। इस पत्र में उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय को यूनिफॉर्म (Uniform) और अन्य जरूरी सामान (Essential Items) भी उन्हें स्वयं (Themselves) ही दिलाना पड़ता है, जबकि यह सुविधा स्कूल द्वारा प्रदान की जानी चाहिए।
जातिसूचक गालियां और निलंबन की मांग:
अभिभावकों ने प्रिंसिपल और वार्डन पर जातिसूचक गालियाँ (Casteist Abuses) देने का भी गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि प्रिंसिपल उनकी बच्चियों को यह कहकर अपमानित करती हैं कि “तुम नीची जाति (Lower Caste) की हो, नीची ही रहोगी। ब्राह्मण (Brahmin) और यादव (Yadav) बनने की कोशिश मत करो।” इस तरह की टिप्पणी से छात्राओं के आत्म-सम्मान (Self-Respect) को ठेस पहुंची है। अभिभावकों ने जिलाधिकारी से स्पष्ट रूप से कहा है कि जब तक प्रधानाचार्य (Principal) और वार्डन (Warden) को उनके पदों से निलंबित (Suspended) नहीं किया जाता, तब तक वे अपनी बेटियों (Daughters) को कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय (Kasturba Gandhi Residential School) वापस नहीं भेजेंगे। इन गंभीर आरोपों के बाद, जिला प्रशासन पर मामले की निष्पक्ष (Fair) और तत्काल (Immediate) जांच करने का भारी दबाव आ गया है।
विद्यालय में रात में आते हैं ‘आदमी’, बच्चियों की पिटाई, प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप
