स्मार्ट मीटर पर किसानों का …

रिपोर्टर : जेड ए खान

अकराबाद (Akbarabad)। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) [Bhartiya Kisan Union (Tikait)] के नेताओं ने सोमवार को अकराबाद ब्लॉक प्रांगण में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने विद्युत विभाग (Electricity Department) द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर (Smart Meter) के खिलाफ जमकर विरोध जताया और जिलाधिकारी (District Magistrate) के नाम नौ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।

स्मार्ट मीटर पर किसानों का विरोध:
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि विद्युत विभाग पुराने मीटर (Old Meter) तोड़कर जबरन स्मार्ट मीटर लगवा रहा है। उन्होंने इसे किसानों के अधिकारों का उल्लंघन करार देते हुए कहा कि वे “ब्लैकलिस्ट कंपनी” (Blacklisted Company) के स्मार्ट मीटर नहीं लगवाना चाहते। उनका कहना था कि यह मीटर किसानों के हितों के खिलाफ है और इसके कारण बिजली बिल में अनावश्यक बढ़ोतरी और तकनीकी समस्याएँ पैदा हो सकती हैं।

ज्ञापन में उठाए गए मुद्दे:
किसानों ने जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में नौ प्रमुख मांगें रखी हैं। इन मांगों में स्मार्ट मीटर लगाने के कार्य को तत्काल रोका जाना और किसानों की सहमति के बिना किसी भी प्रकार का बल प्रयोग न किया जाना शामिल है। ज्ञापन में कहा गया कि यदि विभाग ने किसानों की मांगें नहीं मानी, तो किसान उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

विद्युत विभाग और प्रशासन की भूमिका:
धरना स्थल पर प्रशासनिक अधिकारी और विद्युत विभाग के अवर अभियंता (Assistant Engineer) मौजूद रहे। पदाधिकारियों ने किसानों की बात सुनी और अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्मार्ट मीटर लगाने का काम तुरंत रोका जाए। एडीओ पंचायत (ADO Panchayat) को ज्ञापन सौंपकर इसे आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा गया।

भाकियू का अल्टीमेटम:
भारतीय किसान यूनियन (Tikait) के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि विभाग ने स्मार्ट मीटर लगाने का काम जारी रखा, तो संगठन जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के खिलाफ बड़े आंदोलन का एलान करेगा। किसानों ने यह भी कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन अपनी मांगों की अनदेखी होने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।

किसानों की उम्मीद और सामाजिक समर्थन:
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में किसान जुटे हुए थे। उनका कहना था कि स्मार्ट मीटर किसानों के लिए सुविधाजनक नहीं हैं और इससे उनकी पारंपरिक बिजली व्यवस्था प्रभावित होगी। आंदोलन में महिलाओं और बुजुर्गों ने भी भाग लिया, जिससे आंदोलन का सामाजिक प्रभाव और मजबूत हुआ।

भविष्य की कार्रवाई:
किसान नेताओं ने साफ शब्दों में कहा कि उनका आंदोलन केवल चेतावनी नहीं है, बल्कि यदि विभाग ने उनकी मांगें नहीं मानी तो बड़े पैमाने पर संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने अन्य किसान संगठनों से भी समर्थन की अपील की है।

निष्कर्ष:
अकराबाद में किसानों का यह धरना यह संकेत देता है कि ग्रामीण इलाकों में स्मार्ट मीटर के विरोध में काफी संवेदनशीलता है। प्रशासन और विद्युत विभाग को किसानों की मांगों को गंभीरता से लेना होगा, नहीं तो आंदोलन और तेज हो सकता है।


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Disclaimer: यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

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