गाजीपुर: वाह रे नगरपालिका! जान लेकर ही मनबा का…

गाजीपुर (Ghazipur)। जिले में गड्ढा मुक्ति का दावा सरकार बार-बार करती रही है, लेकिन गाजीपुर के मिश्रबाजार मार्ग पर सड़क की हालत खराब होने के कारण लोग रोजाना दुर्घटनाओं का सामना कर रहे हैं। इस सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों की संख्या इतनी अधिक है कि यात्री और वाहन चालक दोनों ही परेशान हैं। हाल ही में एक ई-रिक्शा चालक गुड्डू (Guddu) के साथ हादसा हुआ, जिसमें गड्ढे में फंसे वाहन का आगे का पहिया टूट गया और सवारियों में हल्की टक्कर हुई।

मिश्रबाजार मार्ग पर गड्ढों का खौफ:
मिश्रबाजार मार्ग पर सड़क की हालत इतनी जर्जर है कि वाहन चालक गड्ढों से बचने के लिए जोखिम उठाते हैं। ई-रिक्शा, ऑटो रिक्शा और अन्य वाहनों के लिए यह मार्ग विशेष रूप से खतरनाक साबित हो रहा है। लोग अपने दैनिक आवागमन में दुर्घटना के डर से गुजरते हैं और कई बार छोटे-मोटे हादसे भी होते रहते हैं।

ई-रिक्शा चालक का बयान:
ई-रिक्शा चालक गुड्डू ने कहा, “खराब सड़क की वजह से हमारे ई-रिक्शा का पहिया टूट गया। हम रोजाना इस मार्ग से गुजरते हैं और हमेशा डर के साए में रहते हैं। अगर सरकार समय पर सड़क की मरम्मत कर देती तो यह हादसा टल सकता था।”

स्थानीय लोगों की समस्याएं:
स्थानीय निवासी भी सड़क की खराब स्थिति से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में गड्ढे और भी खतरनाक हो जाते हैं और पैदल चलने वालों के लिए मार्ग और भी मुश्किल हो जाता है। वाहन चालक अक्सर गड्ढों से बचने के लिए तेज़ रफ्तार में वाहन चलाते हैं, जिससे दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है।

सरकारी कार्यवाही में खामियां:
जिला प्रशासन के बार-बार गड्ढा मुक्ति अभियान के दावे के बावजूद सड़क की मरम्मत में देरी और असंगठित कार्यवाही लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। नागरिकों का कहना है कि सड़क सुधार परियोजनाओं की निगरानी और समय पर कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

भविष्य में संभावित जोखिम:
विशेषज्ञों के अनुसार, गाजीपुर के मिश्रबाजार मार्ग जैसी जर्जर सड़कें न केवल सड़क दुर्घटना का कारण बनती हैं, बल्कि वाहनों के नुकसान और आर्थिक हानि का भी कारण बनती हैं। प्रशासन को तत्काल कदम उठाकर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना होगा।



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Disclaimer: यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

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