अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि अमेरिका ईरान (Iran) के साथ कोई सीजफायर नहीं करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बातचीत हो सकती है, लेकिन लड़ाई रोकने का इरादा नहीं है।
अमेरिका की सैन्य कार्रवाई:
ट्रम्प (Trump) ने कहा कि जब दूसरे पक्ष को पूरी तरह तबाह किया जा रहा हो, तब सीजफायर नहीं किया जाता। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य ताकत को काफी हद तक खत्म कर दिया है। ट्रम्प ने बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान की नेवी (Navy), एयरफोर्स (Air Force) और एयर डिफेंस (Air Defense) को काफी प्रभावित किया है।
होर्मुज स्ट्रेट पर स्थिति:
ट्रम्प ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) में अब भी रुकावट बनी हुई है। इसे खोलना मुश्किल नहीं है, लेकिन इसके लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि NATO देशों (NATO Countries) की ओर से अपेक्षित मदद नहीं मिली है।
NATO सहयोगी देशों पर नाराजगी:
अमेरिकी राष्ट्रपति ने NATO सहयोगी देशों (NATO Allies) को कायर बताया और कहा कि अमेरिका के बिना यह गठबंधन सिर्फ कागज़ी शेर है। ट्रम्प ने कहा, “यह बहुत आसान सैन्य कदम है, जिसमें बहुत कम जोखिम है, लेकिन वे मदद नहीं करना चाहते। कायर हैं, और हम इसे याद रखेंगे।”
संभावित अंतरराष्ट्रीय परिणाम:
ट्रम्प के बयान के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ सकता है। होर्मुज स्ट्रेट के जरिए तेल और समुद्री व्यापार पर असर पड़ने की संभावना बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बिना इस संकट को सुलझाना चुनौतीपूर्ण रहेगा।
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