कासगंज/लखनऊ। मऊ सदर के पूर्व विधायक दिवंगत मुख्तार अंसारी का छोटा बेटा उमर अंसारी आखिरकार जेल से रिहा हो गया है। फर्जी हस्ताक्षर कर मां की संपत्ति हड़पने के मामले में गिरफ्तारी के बाद उमर को 23 अगस्त को कासगंज जेल में शिफ्ट किया गया था। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 39 दिन की कैद पूरी करने के बाद उमर को रिहाई मिली। मंगलवार की सुबह 7 बजकर 4 मिनट पर कासगंज जेल के गेट से उमर की रिहाई हुई।
संपत्ति विवाद से शुरू हुआ मामला
उमर अंसारी पर आरोप था कि उमर ने अपनी मां की संपत्ति पर कब्जा जमाने के लिए दस्तावेजों पर फर्जी हस्ताक्षर किए। इसी आधार पर उमर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और गिरफ्तारी की कार्रवाई हुई। बाद में सुरक्षा कारणों से उमर को अन्य स्थानों से कासगंज जेल भेजा गया।
39 दिन की कैद का सफर
23 अगस्त को जेल शिफ्ट किए जाने के बाद उमर अंसारी ने लगभग डेढ़ महीने का समय सलाखों के पीछे बिताया। इस दौरान मामले को लेकर चर्चाएं तेज रहीं। आखिरकार कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उमर की रिहाई का आदेश आया और सुबह-सुबह जेल प्रशासन ने उमर को बाहर भेजा।
परिवार की मौजूदगी
उमर की रिहाई के समय परिवार भी मौजूद रहा। विधायक अब्बास अंसारी की पत्नी निखत बानो जेल गेट पर पहुंचीं और रिहाई के बाद उमर से मिलीं। परिवार के लोगों ने उमर को घर ले जाने की जिम्मेदारी संभाली।
अंसारी परिवार में चर्चा
उमर की रिहाई के बाद अंसारी परिवार एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। मुख्तार अंसारी के निधन के बाद से परिवार लगातार कानूनी मामलों और विवादों में घिरा रहा है। उमर की गिरफ्तारी और अब रिहाई को लेकर भी स्थानीय राजनीति और समाज में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
39 दिन बाद जेल से बाहर आए मुख्तार अंसारी के पुत्र उमर अंसारी

