वाराणसी (Varanasi) के यूपी कॉलेज (U.P. College) में बीएससी के छात्र सूर्य प्रताप सिंह (Surya Pratap Singh) का देर रात अंतिम संस्कार कर दिया गया। पिता इस बात पर अड़े रहे कि पहले आरोपी का एनकाउंटर हो, उसके बाद ही अंतिम संस्कार करेंगे, लेकिन पुलिस अधिकारियों के समझाने पर वे मान गए।
अंतिम संस्कार के दौरान माहौल:
पोस्टमॉर्टम के बाद रात करीब 9 बजे पुलिस शव को सीधे हरीशचंद्र घाट (Harishchandra Ghat) लेकर पहुंची। इंस्पेक्टर खुद एंबुलेंस में शव के साथ मौजूद रहे। घाट पर पिता ने अपने इकलौते बेटे को मुखाग्नि दी। इस दौरान कुछ छात्रों ने शव को सीधे घाट ले जाने का विरोध किया, लेकिन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए उन्हें वहां से हटा दिया।
आरोपी की गिरफ्तारी:
घटना के बाद पुलिस ने आरोपी छात्र मंजीत सिंह चौहान (Manjeet Singh Chauhan) को देर रात गिरफ्तार कर लिया। कॉलेज से भागने के दौरान वह बाउंड्री वॉल से कूद गया, जिससे उसका एक पैर टूट गया। फिलहाल थाना शिवपुर (Shivpur Police Station) में उससे पूछताछ की जा रही है।
कैसे हुई वारदात:
शुक्रवार दोपहर करीब 11:30 बजे यूपी कॉलेज परिसर में बीए के छात्र मंजीत सिंह चौहान ने सूर्य प्रताप सिंह को गोली मार दी। घटना का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें सूर्य प्रताप जमीन पर पड़े दिखाई दे रहे हैं और आरोपी उन पर गोली चला रहा है। इस वारदात को रैगिंग विवाद और वर्चस्व की लड़ाई से जोड़कर देखा जा रहा है।
पुराना विवाद बना वजह:
बताया जा रहा है कि दोनों छात्रों के बीच पिछले तीन महीनों से विवाद चल रहा था। शुक्रवार को प्रिंसिपल ने दोनों को अपने कार्यालय में बुलाया था, जहां दोनों के बीच फिर बहस हुई। इसी दौरान कथित तौर पर दी गई चेतावनी से आरोपी नाराज हो गया और कुछ देर बाद उसने इस वारदात को अंजाम दे दिया।
परिवार का दर्द:
बीएचयू (BHU) पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पिता ऋषि देव सिंह (Rishi Dev Singh) बार-बार बेसुध होकर जमीन पर बैठ जाते थे। आसपास के लोग उन्हें संभालते रहे, लेकिन वह बेटे का अंतिम दर्शन करने की हिम्मत काफी देर तक नहीं जुटा सके। बाद में उन्होंने भारी मन से बेटे को आखिरी बार देखा।
पिता की मांग:
लखनऊ (Lucknow) से वाराणसी पहुंचे पिता ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी कि उनके बेटे की इस तरह हत्या हो जाएगी। उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
आरोपी की पृष्ठभूमि:
मृतक सूर्य प्रताप सिंह गाजीपुर (Ghazipur) का रहने वाला था और कॉलेज के हॉस्टल में रहता था, जबकि आरोपी मंजीत सिंह चौहान वाराणसी का निवासी है। बताया जा रहा है कि मंजीत सोशल मीडिया पर एक समूह चलाता था और खुद को गैंग लीडर के रूप में प्रस्तुत करता था।
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