गाजीपुर (Ghazipur) में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर सेल (Cyber Cell Ghazipur) को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। शिकायतकर्ता वारिस अली (Waris Ali) के साथ यूपीआई के माध्यम से हुई 20 हजार रुपये की ठगी की रकम को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वापस दिला दिया। इस कार्रवाई से आम लोगों में साइबर सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ा है।
यूपीआई के जरिए हुई थी ठगी:
मामला थाना मुहम्मदाबाद (Muhammadabad Police Station) क्षेत्र का है, जहां वारिस अली (Waris Ali) के साथ यूपीआई के जरिए धोखाधड़ी की गई थी। ठगी का शिकार होने के बाद उन्होंने बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराई और ऑनलाइन माध्यम से भी इसकी सूचना दी।
तत्काल कार्रवाई से मिली राहत:
सूचना मिलते ही साइबर सेल (Cyber Cell Ghazipur) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू की। साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक विवेक पाठक (Vivek Pathak) ने अपनी टीम के साथ सक्रियता दिखाते हुए तकनीकी जांच के माध्यम से ठगी गई धनराशि को ट्रेस किया और 24 मार्च 2026 को पूरी 20,000 रुपये की रकम शिकायतकर्ता के खाते में वापस कराई।
अभियान के तहत मिल रही सफलता:
जनपद गाजीपुर (Ghazipur District) में अपराधों की रोकथाम और साइबर फ्रॉड पर नियंत्रण के लिए पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई, जो दर्शाती है कि समय रहते शिकायत करने पर पीड़ित को राहत मिल सकती है।
सतर्कता और जागरूकता जरूरी:
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें और ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। समय पर सूचना देने से धनराशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
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रिपोर्ट : सऊद अंसारी
ब्यूरो: हसीन अंसारी