उत्तर प्रदेश विधानसभा (Uttar Pradesh Vidhan Sabha) के बजट सत्र के छठे दिन सदन में बजट पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। चर्चा के दौरान जहां एक ओर महत्वपूर्ण घोषणाओं की संभावना जताई गई, वहीं दूसरी ओर सवाल-जवाब के दौरान राजनीतिक तकरार भी सामने आई। सदन की कार्यवाही के दौरान उपस्थिति को लेकर भी चर्चा रही।
बताया गया कि विधानसभा में एनडीए (NDA) के 288 विधायकों में से लगभग 60 विधायक और मंत्री सदन में मौजूद नहीं थे। इस दौरान सत्ता पक्ष की तुलना में विपक्ष के अधिक विधायक उपस्थित दिखाई दिए, जिससे सदन का माहौल राजनीतिक रूप से सक्रिय बना रहा।
सवाल-जवाब के दौरान बढ़ी तल्खी:
चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) की विधायक रागिनी सोनकर ने अपने प्रश्न रखे। बताया गया कि उनके सवालों का जवाब मंत्री बेबी रानी मौर्य तत्काल नहीं दे सकीं। इस पर संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने हस्तक्षेप करते हुए स्थिति को संभाला और जवाब प्रस्तुत किया। इसी बीच सदन का माहौल कुछ गरमाता नजर आया।
जब सपा विधायक आरके वर्मा अपनी बात रख रहे थे, तभी डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक खड़े हो गए। उन्होंने कहा कि यदि सीधे सवाल किए जाएंगे तो सीधे जवाब दिए जाएंगे, लेकिन यदि राजनीतिक प्रश्न उठाए गए तो उसका राजनीतिक तरीके से जवाब दिया जाएगा। इस टिप्पणी के बाद सदन में हलचल बढ़ गई।
‘रायता’ टिप्पणी पर हल्की नोकझोंक:
इसी क्रम में सपा विधायक कमाल अख्तर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि मंत्री इतने बड़े पद पर हैं और उन्होंने यह जानना चाहा कि संबंधित विभाग में ‘रायता’ कहां बनता है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यह टिप्पणी खाने-पीने से जुड़ी कहावत के संदर्भ में की गई है। इस दौरान सदन में हल्का हास्य का माहौल बना और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक मुस्कुराते नजर आए।
पेंशन बढ़ाने की संभावना:
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा 1 करोड़ 6 लाख निराश्रित महिलाओं की पेंशन बढ़ाने की घोषणा किए जाने की संभावना जताई जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 फरवरी को सदन में इस योजना का उल्लेख करते हुए संकेत दिया था कि निराश्रित महिलाओं की पेंशन में वृद्धि की योजना पर कार्य किया जा रहा है। यह प्रस्ताव बजट चर्चा के दौरान महत्वपूर्ण बिंदु के रूप में देखा जा रहा है।
बजट और राजनीतिक प्रतिक्रिया:
योगी सरकार ने 11 फरवरी को 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये का अब तक का सबसे बड़ा बजट सदन में प्रस्तुत किया था। बजट पेश होने के बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा हुई, जिसमें पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर राजनीतिक टिप्पणी की। इसी क्रम में उन्होंने पहली बार शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का भी उल्लेख किया।
सदन में जारी बजट चर्चा के दौरान राजनीतिक रणनीति, सामाजिक योजनाएं और आरोप-प्रत्यारोप का दौर समानांतर रूप से चलता रहा। आने वाले दिनों में बजट पर विस्तृत चर्चा और संभावित घोषणाओं पर सबकी नजर बनी हुई है।
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