उत्तर प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में मुफ्त दाखिले की प्रक्रिया एक बार फिर शुरू होने जा रही है। प्रदेश सरकार द्वारा संचालित इस व्यवस्था के अंतर्गत गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाई का अवसर दिया जाता है। इस वर्ष आरटीई के तहत दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 2 फरवरी से शुरू होगी, जो तीन चरणों में पूरी की जाएगी और 29 मार्च तक चलेगी। शासन के निर्देशानुसार पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और डिजिटल माध्यम से संपन्न कराई जाएगी, ताकि पात्र परिवारों को किसी तरह की असुविधा न हो।
ऑनलाइन आवेदन की समयसीमा:
शिक्षा विभाग के अनुसार आरटीई दाखिले के लिए आवेदन 2 फरवरी से शुरू होकर 29 मार्च तक स्वीकार किए जाएंगे। यह प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होगी। प्रत्येक चरण के लिए आवेदन, सत्यापन और चयन की अलग-अलग तिथियां निर्धारित की गई हैं। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे तय समयसीमा के भीतर आवेदन पूरा कर लें, ताकि उनके बच्चों का नाम चयन प्रक्रिया में शामिल हो सके।
प्रदेश भर में तय की गई सीटें:
आरटीई के तहत उत्तर प्रदेश के करीब 68 हजार निजी स्कूलों को इस योजना में शामिल किया गया है। इन स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए लगभग 6.80 लाख सीटें आरक्षित की गई हैं। इन सीटों पर दाखिला पूरी तरह निःशुल्क होगा और चयन प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षा से कोई भी बच्चा वंचित न रह जाए।
पूरी तरह ऑनलाइन होगी प्रक्रिया:
इस वर्ष भी आरटीई के तहत दाखिले की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। अभिभावक https://rte25.upsdc.gov.in वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के दौरान बच्चे और अभिभावक से संबंधित आवश्यक विवरण भरना होगा। साथ ही जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे, जिनका सत्यापन बाद में किया जाएगा। ऑनलाइन व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना कम होगी।
लॉटरी के जरिए होगा चयन:
आरटीई दाखिले की प्रक्रिया में बच्चों का चयन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। तय कार्यक्रम के अनुसार 18 फरवरी को लॉटरी निकाली जाएगी। इसी लॉटरी के आधार पर यह तय होगा कि किस बच्चे को किस स्कूल में दाखिला मिलेगा। चयन प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित और नियमों के अनुरूप होगी, जिससे किसी भी तरह के पक्षपात की गुंजाइश न रहे।
अभिभावकों के लिए जरूरी जानकारी:
अभिभावकों को आवेदन करते समय यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके द्वारा भरी गई सभी जानकारी सही हो। गलत या अधूरी जानकारी पाए जाने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है। साथ ही यह भी ध्यान रखना आवश्यक है कि आरटीई के तहत चयनित बच्चों को केवल वही सुविधाएं मिलेंगी, जो अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित हैं। चयन के बाद संबंधित स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया समय पर पूरी करनी होगी।
शिक्षा के अधिकार को मजबूत करने की पहल:
आरटीई के तहत निजी स्कूलों में मुफ्त दाखिले की यह व्यवस्था प्रदेश में शिक्षा के अधिकार को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। इससे न केवल गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति समान अवसर की भावना भी सशक्त होगी। शासन का प्रयास है कि अधिक से अधिक पात्र बच्चे इस योजना का लाभ उठा सकें।
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।
#RTE #UttarPradesh #FreeAdmission #PrivateSchools #Education