लखनऊ (Lucknow)। काशी (Varanasi), अयोध्या (Ayodhya) और प्रयागराज (Prayagraj) सहित उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के सभी प्रमुख तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। उप मुख्यमंत्री और नेता सदन विधान परिषद (Leader of Legislative Council) केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) ने विधानपरिषद में स्पष्ट किया कि यह बढ़ती संख्या बेहतर व्यवस्थाओं और सुगम दर्शन सुविधाओं का प्रमाण है।

काशी विश्वनाथ मंदिर में व्यवस्थाएं:
केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath Temple) का संचालन मंदिर न्यास परिषद (Temple Trust) द्वारा किया जाता है। सुगम दर्शन शुल्क का निर्धारण भी न्यास परिषद ही करती है। जनवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच लगभग 10.7 लाख श्रद्धालुओं को दर्शन पर्ची जारी की गई।
अयोध्या के श्रीराम मंदिर में मुफ्त दर्शन:
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या (Ayodhya) स्थित श्रीराम मंदिर (Shri Ram Mandir) में सुगम दर्शन के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता। सरकार केवल सुरक्षा और व्यवस्थाओं की निगरानी करती है। इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और संतुष्टि सुनिश्चित होती है।
श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि:
काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर (Kashi Vishwanath Dham Corridor) के बनने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। वर्ष 2017 में लगभग 77 लाख श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे थे, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 17 करोड़ से अधिक हो गई। यह राज्य की बेहतर व्यवस्थाओं और धार्मिक स्थलों के सुगम संचालन का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
विदेशी श्रद्धालुओं का बढ़ता आकर्षण:
विदेशी श्रद्धालुओं की संख्या में भी तेजी से वृद्धि हुई है। वर्ष 2014 में लगभग 28 हजार विदेशी श्रद्धालु आए थे, वहीं वर्ष 2024 में यह संख्या करीब 3.99 लाख और वर्ष 2025 में 3.21 लाख रही। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि बेहतर व्यवस्थाओं और आधारभूत सुविधाओं के कारण देश-विदेश से श्रद्धालुओं का विश्वास बढ़ा है।
प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता और भविष्य की योजनाएं:
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार तीर्थ स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। काशी, अयोध्या और प्रयागराज (Prayagraj) सहित अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों पर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और राज्य की पर्यटन अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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