आजम का किला ढहाने वाले IAS को नहीं मिला सेवा-विस्तार:संगीता सिंह मुरादाबाद की कमिश्नर बनीं; यूपी में 17 IAS के तबादले

उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार रात 17 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस फेरबदल में कई वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। अलीगढ़ की मंडलायुक्त संगीता सिंह को मुरादाबाद मंडल की कमान सौंपी गई है। वहीं, मुरादाबाद मंडलायुक्त आन्जनेय सिंह को सरकार ने कार्यमुक्त कर दिया है।

आन्जनेय सिंह को आठवीं बार सेवा विस्तार नहीं मिला। इसके साथ ही उनका सिक्किम कैडर में लौटना तय हो गया है। हालांकि, वह नई दिल्ली में सिक्किम के स्थानिक आयुक्त के पद पर तैनाती पाने का प्रयास कर रहे हैं।

आन्जनेय सिंह का सेवा विस्तार हुआ समाप्त:

आन्जनेय सिंह 6 मार्च 2021 से 14 अगस्त 2026 तक करीब पांच साल पांच महीने मुरादाबाद मंडल के मंडलायुक्त रहे। 14 अगस्त को उनके सेवा विस्तार की अवधि खत्म हो गई थी। इसके अगले दिन 15 अगस्त को उन्होंने मुरादाबाद के जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया को कार्यभार सौंपा और दो महीने की छुट्टी पर चले गए थे।

आन्जनेय सिंह 2005 बैच के सिक्किम कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। दी गई जानकारी के मुताबिक, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अनुरोध पर तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार में अखिलेश यादव उन्हें उत्तर प्रदेश लेकर आए थे। इसके बाद उन्हें लगातार सात बार उत्तर प्रदेश में सेवा विस्तार मिला।

आन्जनेय सिंह ने अपने मूल कैडर सिक्किम में करीब आठ साल सेवाएं दी हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में उनकी सेवा अवधि 11 साल पूरी हो चुकी थी। अब आठवीं बार सेवा विस्तार नहीं मिलने के बाद सरकार ने उन्हें कार्यमुक्त कर दिया है।

आजम खान के खिलाफ कार्रवाई से चर्चा में आए:

आन्जनेय सिंह रामपुर के जिलाधिकारी रहते हुए समाजवादी पार्टी नेता आजम खान के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर भी चर्चा में आए थे। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान आजम खान ने तत्कालीन जिलाधिकारी को लेकर विवादित बयान दिया था।

इसके बाद आन्जनेय सिंह ने जिलाधिकारी रहते हुए आजम खान के खिलाफ कई कड़ी कार्रवाई की थीं। दी गई जानकारी के अनुसार, बाद में आजम खान को तीन साल की सजा हुई और उनकी विधायकी भी चली गई।

डॉ. राजशेखर को जल निगम से हटाया:

उत्तर प्रदेश जल निगम ग्रामीण के प्रबंध निदेशक डॉ. राजशेखर को भी मौजूदा जिम्मेदारी से हटा दिया गया है। उन्हें नियोजन विभाग का सचिव बनाया गया है। बताया गया है कि गांवों में हर घर नल योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी शिकायतों के बाद उनका तबादला किया गया।

दी गई जानकारी के अनुसार, राजशेखर की कार्यशैली से जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह नाराज थे। विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव से भी उनके तालमेल को लेकर स्थिति ठीक नहीं थी। पिछले दिनों एक बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी नाराजगी जाहिर की थी।

राजशेखर की जगह सहकारिता विभाग के आयुक्त योगेश कुमार को जल निगम ग्रामीण के प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी दी गई है।

चैत्रा वी को राजस्व परिषद भेजा:

महानिदेशक आयुष एवं मिशन निदेशक, राष्ट्रीय आयुष मिशन के पद पर तैनात चैत्रा वी को भी मौजूदा जिम्मेदारी से हटा दिया गया है। उन्हें राजस्व परिषद में सदस्य न्यायिक बनाया गया है।

बताया गया है कि चैत्रा वी की विभाग के प्रमुख सचिव रंजन कुमार और विभागीय मंत्री दयाशंकर मिश्रा दयालु से कार्यशैली को लेकर नाराजगी थी। यह मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक भी पहुंचा था।

चैत्रा वी अगस्त 2025 में लखनऊ के होटल कारोबारी नरेन राज पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाने के बाद चर्चा में आई थीं। इस मामले में आलमबाग थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव का तबादला:

लखनऊ विकास प्राधिकरण के सचिव विवेक श्रीवास्तव का भी तबादला किया गया है। उन्हें पशुपालन विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।

वहीं, लंबे समय से राज्य सूचना आयोग के सचिव पद पर तैनात कुमार प्रशांत को सहकारिता विभाग में आयुक्त एवं निबंधक बनाया गया है।

जल निगम नगरीय का प्रभार बदला:

नगर विकास विभाग के सचिव रवींद्र कुमार से उत्तर प्रदेश जल निगम नगरीय के प्रबंध निदेशक और राज्य मिशन निदेशक, अमृत का अतिरिक्त प्रभार वापस ले लिया गया है।

उनकी जगह मासूम अली सरवर को दोनों पदों का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसके साथ ही मासूम अली सरवर से नियोजन विभाग के सचिव का कार्यभार वापस लिया गया है।

कई अन्य अधिकारियों की भी बदली जिम्मेदारी:

समाज कल्याण विभाग के सचिव प्रमोद कुमार उपाध्याय का तबादला कर उन्हें ग्राम्य विकास आयुक्त बनाया गया है।

उच्च शिक्षा विभाग के सचिव अमृत त्रिपाठी को राजस्व परिषद, प्रयागराज में सदस्य न्यायिक बनाया गया है। वहीं, राजस्व परिषद के सदस्य न्यायिक ओम प्रकाश राय को उच्च शिक्षा विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।

सचिवालय प्रशासन विभाग के सचिव गुर्राला श्रीनिवासुलु को राज्य सूचना आयोग का सचिव बनाया गया है। अपर आबकारी आयुक्त एवं सहकारी चीनी मिल्स संघ के संयुक्त प्रबंध निदेशक नवनीत सेहरा से संयुक्त प्रबंध निदेशक का कार्यभार वापस लिया गया है।

कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा के विशेष सचिव देवेंद्र कुमार पांडेय को उपभोक्ता मामले विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है।

अमृतपाल कौर को मिली बड़ी जिम्मेदारी:

चीनी की किल्लत की खबरों के बीच प्रतीक्षारत आईएएस अधिकारी अमृतपाल कौर को भी नई जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें चीनी मिल्स संघ लिमिटेड का संयुक्त प्रबंध निदेशक बनाया गया है।

अमृतपाल कौर मूल रूप से पंजाब के गुरदासपुर के नानोवाल खुर्द गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने वर्ष 2018 में संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में देशभर में 44वीं रैंक हासिल की थी।

वर्ष 2019 बैच में उनका भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए चयन हुआ और उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर मिला। अमृतपाल कौर ने चंडीगढ़ के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से विद्युत अभियंत्रण की पढ़ाई की है। वह चित्रकूट की मुख्य विकास अधिकारी भी रह चुकी हैं।

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