शंकराचार्य विवाद पर सियासी हलचल: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लखनऊ आवास पर बटुकों का किया सम्मान

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में शंकराचार्य विवाद के बीच डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक (Brajesh Pathak) ने लखनऊ (Lucknow) स्थित अपने आवास पर 101 ब्राह्मण बटुकों को आमंत्रित कर उनका सम्मान किया। गुरुवार सुबह आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने पत्नी नम्रता पाठक (Namrata Pathak) के साथ सभी बटुकों का तिलक लगाकर स्वागत किया, हाथ जोड़कर प्रणाम किया और पुष्प वर्षा की। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना संपन्न हुई। कार्यक्रम के बाद ब्रजेश पाठक (Brajesh Pathak) ने एक्स (X) पर लिखा कि बटुकों का सम्मान उनका सौभाग्य है।

शंकराचार्य विवाद की पृष्ठभूमि:
यह घटनाक्रम उस विवाद के बाद सामने आया है, जिसकी शुरुआत 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज (Prayagraj) के माघ मेले में हुई थी। बताया गया कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद (Avimukteshwaranand) के एक शिष्य के साथ पुलिस द्वारा कथित दुर्व्यवहार का वीडियो सामने आया, जिसमें चोटी पकड़कर घसीटने और मारपीट का आरोप लगा। वीडियो प्रसारित होने के बाद मामला चर्चा में आ गया और विभिन्न वर्गों की प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

डिप्टी सीएम की प्रतिक्रिया और बयान:
घटना के बाद लगभग एक महीने तक ब्रजेश पाठक (Brajesh Pathak) ने सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की थी। दो दिन पूर्व एक मीडिया कार्यक्रम में उन्होंने पहली बार कहा कि किसी की चोटी नहीं खींचनी चाहिए थी और यदि कोई दोषी है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार का कृत्य गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। हालांकि उन्होंने किसी विशेष नाम का उल्लेख नहीं किया।

राजनीतिक और सामाजिक संदर्भ:
प्रदेश में यूजीसी (UGC) और अविमुक्तेश्वरानंद (Avimukteshwaranand) से जुड़े विवादों के कारण ब्राह्मण समाज में नाराजगी की चर्चा रही है। ब्रजेश पाठक (Brajesh Pathak) को भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) के प्रमुख ब्राह्मण चेहरों में माना जाता है। ऐसे में उनके इस कार्यक्रम को सामाजिक संदेश और संवाद की पहल के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह आयोजन ब्राह्मण समाज के साथ संवाद मजबूत करने का प्रयास हो सकता है।

कार्यक्रम के मायने:
सूत्रों के अनुसार यह आयोजन व्यापक विचार-विमर्श के बाद किया गया। बटुकों के सम्मान और वैदिक परंपरा के प्रदर्शन के माध्यम से सांस्कृतिक जुड़ाव का संदेश देने की कोशिश दिखाई दी। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति की सूचना नहीं है।

Disclaimer: यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com


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