PM बोले- डीपफेक रोकने को AI कंटेंट पर लेबल जरूरी: अंबानी ने कहा- AI नौकरियां नहीं छीनता

नई दिल्ली (New Delhi) के भारत मंडपम (Bharat Mandapam) में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 (India AI Impact Summit 2026) के चौथे दिन तकनीक और भविष्य की दिशा पर व्यापक चर्चा हुई। गुरुवार को आयोजित सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने डिजिटल कंटेंट की विश्वसनीयता पर जोर देते हुए कहा कि ऑनलाइन सामग्री पर ऑथेंटिसिटी लेबल अनिवार्य होना चाहिए, ताकि वास्तविक और एआई-जनरेटेड सामग्री के बीच स्पष्ट अंतर किया जा सके। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में पारदर्शिता और भरोसा बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।

डिजिटल कंटेंट की प्रमाणिकता पर जोर:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग के साथ यह जरूरी हो गया है कि लोगों को यह जानकारी हो कि वे जो देख या पढ़ रहे हैं, वह मानव द्वारा निर्मित है या एआई द्वारा तैयार किया गया है। उन्होंने इस दिशा में नीतिगत और तकनीकी समाधान विकसित करने की आवश्यकता बताई। उनका मानना है कि इससे गलत सूचना की चुनौती से निपटने में मदद मिलेगी और डिजिटल स्पेस में विश्वास मजबूत होगा।

मुकेश अंबानी का बड़ा निवेश ऐलान:
रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के चेयरमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) ने कहा कि एआई नौकरियां खत्म नहीं करेगा, बल्कि उच्च कौशल वाले नए अवसर पैदा करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब प्रतिस्पर्धा इस बात पर है कि कौन सबसे मजबूत इकोसिस्टम तैयार कर सकता है, जो एआई को बड़े पैमाने पर और तेज गति से लागू कर सके। अंबानी ने घोषणा की कि भारत में ‘इंटेलिजेंस युग’ लाने के लिए जियो (Jio) और रिलायंस मिलकर अगले सात वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करेंगे।

सॉवरेन कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारी:
अंबानी ने बताया कि जियो इंटेलिजेंस (Jio Intelligence) गीगावाट स्तर के डेटा सेंटर्स के माध्यम से देश का अपना ‘सॉवरेन कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर’ तैयार करेगा। जामनगर (Jamnagar) में मल्टी-गीगावाट एआई डेटा सेंटर का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और वर्ष 2026 के दूसरे हिस्से तक 120 मेगावाट से अधिक क्षमता शुरू करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि देशभर में फैला एज कंप्यूट नेटवर्क इंटेलिजेंस को तेज और किफायती बनाएगा, जिससे उत्पादकता और कार्यक्षमता में वृद्धि होगी।

ग्लोबल लीडर्स की भागीदारी:
समिट में 110 से अधिक देशों की भागीदारी दर्ज की गई है। 20 से अधिक देशों के प्रमुख, 30 अंतरराष्ट्रीय संगठन और लगभग 100 सीईओ व फाउंडर्स इस मंच पर उपस्थित हैं। गूगल डीपमाइंड (Google DeepMind) के सीईओ डेमिस हसाकिस (Demis Hassabis) ने भारत में साझेदारियों पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि रिलायंस जियो ग्रुप (Reliance Jio Group) के साथ मिलकर ‘जेमिनी फाउंडेशन मॉडल्स’ के जरिए देश के हर व्यक्ति तक इंटेलिजेंस पहुंचाने का लक्ष्य है।

एआई को बताया आधुनिक ‘अक्षय पात्र’:
मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) ने एआई को आधुनिक युग का ‘अक्षय पात्र’ बताते हुए कहा कि यह हर मशीन और सिस्टम को अधिक सक्षम और तेज बनाता है। उन्होंने कहा कि भारत लोकतंत्र, जनसांख्यिकी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा के क्षेत्र में मजबूत स्थिति में है और आने वाले दशकों में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभा सकता है।

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 (India AI Impact Summit 2026) 20 फरवरी तक चलेगी, जहां तकनीक, नवाचार और वैश्विक सहयोग पर मंथन जारी रहेगा।

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