रिपोर्टर: अनुज कुमार
लखनऊ में यूपी आतंकवाद निरोधक दस्ता (UP ATS) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने वाराणसी (Varanasi) जिले से पचास हजार रुपये के इनामी नक्सली प्रमुख सीतामढ़ी उर्फ विनय जी उर्फ ओमप्रकाश को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी लंबे समय से फरार चल रहे एक कुख्यात नक्सली की तलाश के अभियान का अहम नतीजा मानी जा रही है। पकड़ा गया नक्सली हत्या, लूट और डकैती जैसे कई संगीन मामलों में पिछले तेरह वर्षों से फरार था और सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ था।
गिरफ्तार नक्सली मूल रूप से बलिया (Ballia) जिले के मनियर थाना क्षेत्र के मुड़ियारी गांव का निवासी बताया गया है। यूपी एटीएस की टीम ने सटीक सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए उसे वाराणसी जिले से दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि यह नक्सली लगातार अपनी पहचान छिपाकर अलग-अलग जिलों में रह रहा था।
इनामी नक्सली की पहचान और पृष्ठभूमि:
एटीएस के अनुसार सीतामढ़ी उर्फ विनय जी उर्फ ओमप्रकाश प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन सीपीआई (माओवादी) का सक्रिय और प्रमुख सदस्य रहा है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह कई जघन्य वारदातों की साजिश और क्रियान्वयन में शामिल रहा है। बताया गया कि वह वर्ष 1986 में घर छोड़कर नक्सली क्षेत्रों में चला गया था, जहां उसने बड़े नक्सली नेताओं का साथ पकड़ा और धीरे-धीरे संगठन में अपनी मजबूत पकड़ बना ली।
नक्सली संगठन में अहम भूमिका:
जानकारी के मुताबिक 1990 के दशक में सीतामढ़ी एक नक्सली गिरोह का जोनल सेक्रेटरी बन गया था। 21 सितंबर 2004 को एमसी, माओ ईस्ट, कम्युनिस्ट सेंटर और पीडब्लूजी पीपुल्स वार ग्रुप के माओवादी पार्टी में विलय से जुड़ी बैठक में भी उसकी मौजूदगी सामने आई है। यह बैठक नक्सली गतिविधियों के विस्तार के लिहाज से बेहद अहम मानी जाती है।
ग्राम प्रधान की पत्नी की हत्या में भूमिका:
पूछताछ में सामने आया कि वर्ष 2012 में बलिया जिले के सहतवार थाना क्षेत्र के अतरडिहा गांव में ग्राम प्रधान मुसाफिर चौहान की पत्नी फूलमती की हत्या की साजिश और वारदात में सीतामढ़ी की अहम भूमिका थी। इस घटना में ग्राम प्रधान की भी हत्या की योजना बनाई गई थी। इसी मामले में वह लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
इनाम और सुरक्षा एजेंसियों की तलाश:
इस नक्सली की गिरफ्तारी के लिए उप महानिरीक्षक आजमगढ़ (Azamgarh Range) की ओर से पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। सुरक्षा एजेंसियां लगातार इसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थीं, लेकिन यह भेष बदलकर अलग-अलग जिलों में रहकर खुद को बचाता रहा।
वाराणसी में बड़ी साजिश नाकाम:
बताया गया कि वर्ष 2023 में 15 अगस्त के आसपास सीतामढ़ी अपने गिरोह में शामिल महिला नक्सली तारा देवी सहित अन्य साथियों के साथ बैठक कर रहा था और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में वाराणसी जिले में घूम रहा था। यूपी एटीएस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया और संभावित नापाक मंसूबों को नाकाम कर दिया।
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