उत्तर प्रदेश के सभी 18 मंडलों में विश्वविद्यालयों की स्थापना हो चुकी है। कई मंडलों में निर्माण कार्य जारी है। मंडलों के बाद अब लक्ष्य एक जिला-एक विश्वविद्यालय का है। यह बातें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगस्त 2024 में कही थी। एक जिला एक विश्वविद्यालय की बात से यह स्पष्ट हो गया कि जिन जनपदों में विश्वविद्यालय नहीं है और जिनके लिए छात्र हमेशा से अपनी आवाज को बुलंद करते हुए आए हैं अब उन जनपदों में भी शीघ्र ही विश्वविद्यालय होगा। लेकिन बड़ा सवाल यही है की क्या यह विश्वविद्यालय निजी होंगे यानी प्राइवेट या सरकार द्वारा बनाया जाएगा?
पूर्वांचल का सबसे महत्वपूर्ण जनपद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में पहले से ही विश्वविद्यालय उपलब्ध हैं केंद्रीय विश्वविद्यालय भी उपलब्ध है इसके बाद अब आजमगढ़ में भी विश्वविद्यालय बन चुका है लेकिन इन दोनों जनपदों के बीच स्थित जनपद गाजीपुर में विश्वविद्यालय की मांग लंबे समय से चल रही है दरअसल कहा जा रहा है कि गाजीपुर सभी मानकों को पूरा करता है लेकिन यहां पर विश्वविद्यालय की स्थापना नहीं हो रही है जबकि आजमगढ़ से पहले गाजीपुर में विश्वविद्यालय बन जाना चाहिए था।
गाजीपुर में विश्वविद्यालय बनाने की मांग को लेकर छात्र संगठन ने कई बार प्रदर्शन किया है इन छात्रों का नेतृत्व करने वाले छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने कई आंदोलन का नेतृत्व किया। आधुनिक युग में उन्होंने ट्विटर पर ट्रेंड करने की भी कोशिश की जो कामयाब भी रहा। दीपक उपाध्याय और अन्य छात्रों ने मिलकर मुख्यमंत्री को संबोधित कई पत्र भी आगे भेजे हैं वह स्वयं लखनऊ जाकर जनता दरबार में मुख्यमंत्री से मिलने की कोशिश भी कर चुके हैं। इन छात्र नेताओं और छात्रों की हमेशा से मांग रही है कि गाजीपुर में करीब 300 के आसपास कॉलेज है इसलिए यहां पर एक विश्वविद्यालय होना चाहिए जिससे यहां के छात्रों को सुविधा मिल सके क्योंकि गाजीपुर एक बड़ा जनपद है और विश्वविद्यालय होने से यहां के छात्रों को सुविधा मिल पाएगी।
गाजीपुर के कई बड़े नेता ऐसे हैं जो छात्र संघ से ही राजनीति में पहुंचे हैं और आज विधानसभा और संसद में अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद करते रहते हैं। इन्हीं छात्र नेताओं में से एक है डॉक्टर संगीता बलवंत जो गाजीपुर के पीजी कॉलेज की छात्र है और उन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत छात्र संघ चुनाव से ही की थी संगीता बलवंत आज राज्यसभा सांसद हैं इसके पहले वह उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री भी रह चुकी है। डॉ संगीता बलवंत जब विधायक थी तभी उन्होंने विधानसभा के अंदर इन छात्रों की मांग को बुलंद किया था। उत्तर प्रदेश के विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने ही डॉक्टर संगीता बलबन ने कहा था कि गाजीपुर में एक विश्वविद्यालय की आवश्यकता है वहां पर विश्वविद्यालय बनना चाहिए। हमारे संवाददाता हसीन अंसारी ने बताया कि डॉक्टर संगीता बलवंत ने एक सार्वजनिक मंच से यह स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजीपुर में विश्वविद्यालय को स्वीकृति दे दी है।
