वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने संसद (Parliament) में आम बजट पेश कर दिया है। करीब 85 मिनट के अपने भाषण में उन्होंने सरकार की नीतिगत प्राथमिकताओं, वैश्विक हालात और भविष्य की योजनाओं का जिक्र किया, लेकिन आम आदमी को सीधे राहत देने वाला कोई बड़ा ऐलान नहीं किया गया। बजट में टैक्स प्रणाली को आसान बनाने, रेलवे और परिवहन परियोजनाओं, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिलाओं, रक्षा और कृषि जैसे क्षेत्रों से जुड़ी कई घोषणाएं जरूर की गईं, जिनका असर आने वाले समय में दिखाई दे सकता है।
वित्त मंत्री का यह भाषण चुनावी वर्ष के लिहाज से भी अहम माना जा रहा था, क्योंकि इसी साल पश्चिम बंगाल (West Bengal), तमिलनाडु (Tamil Nadu), केरल (Kerala), असम (Assam) और पुडुचेरी (Puducherry) में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके बावजूद बजट में किसी तरह का सीधा चुनावी वादा या लोकलुभावन घोषणा देखने को नहीं मिली। लोकसभा (Lok Sabha) में भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने तमिलनाडु की पारंपरिक कांजीवरम साड़ी पहनकर उपस्थिति दर्ज कराई, लेकिन घोषणाओं में क्षेत्रीय संतुलन और दीर्घकालिक योजनाओं पर ज्यादा जोर रहा।
रक्षा बजट और जियो-पॉलिटिक्स पर फोकस:
बजट भाषण में वैश्विक जियो-पॉलिटिक्स और सुरक्षा चुनौतियों का उल्लेख करते हुए रक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई। रक्षा बजट को बढ़ाकर 7.85 लाख करोड़ रुपये किया गया है। इसमें से 2.19 लाख करोड़ रुपये सैन्य बलों के आधुनिकीकरण पर खर्च किए जाएंगे, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। सरकार का मानना है कि आधुनिक हथियार, तकनीक और स्वदेशी उत्पादन से देश की सुरक्षा मजबूत होगी।
इनकम टैक्स में राहत नहीं, प्रक्रिया आसान:
आम करदाताओं को इस बजट से टैक्स स्लैब में बदलाव की उम्मीद थी, लेकिन इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया। हालांकि रिटर्न फाइलिंग को सरल बनाने के लिए रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने की समय-सीमा बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। पहले यह सीमा 31 दिसंबर तक थी। इसके अलावा नया इनकम टैक्स कानून 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा और फॉर्म्स को इस तरह रीडिजाइन किया गया है कि आम लोग आसानी से उन्हें भर सकें।
स्वास्थ्य क्षेत्र में दवाएं होंगी सस्ती:
स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट का एक अहम कदम कैंसर और कुछ दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर कस्टम ड्यूटी हटाने का है। सरकार ने कैंसर की 17 दवाओं पर से आयात शुल्क समाप्त कर दिया है, जो पहले 5 प्रतिशत था। इसके साथ ही हीमोफिलिया, सिकल सेल और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी सात दुर्लभ बीमारियों की दवाइयों को भी ड्यूटी फ्री किया गया है। इससे इलाज की लागत कम होने और मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है।
आयुर्वेद और बायोफार्मा पर निवेश:
बजट में आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। सरकार ने 3 आयुर्वेदिक AIIMS खोलने की घोषणा की है। इसके साथ ही 10,000 करोड़ रुपये के निवेश से भारत को ग्लोबल बायो फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की योजना है। आयुर्वेदिक दवाओं की टेस्टिंग के लिए नेशनल लैब्स बनाई जाएंगी और अगले पांच वर्षों में एक लाख स्पेशलिस्ट हेल्थकेयर प्रोफेशनल तैयार किए जाएंगे।
शिक्षा और गर्ल्स हॉस्टल पर जोर:
शिक्षा क्षेत्र में खासतौर पर लड़कियों की शिक्षा को प्राथमिकता दी गई है। देश के करीब 800 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाएंगे, ताकि छात्राओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास मिल सके। बजट 2026–27 में STEM यानी विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित शिक्षा को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इसके अलावा 15 हजार सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित की जाएंगी।
महिलाओं के लिए रोजगार और SHE Mart:
महिला सशक्तिकरण के तहत लखपति दीदी मॉडल को आगे बढ़ाया गया है। महिला स्वयं सहायता समूहों की उद्यमी महिलाओं के लिए समुदाय के स्वामित्व वाले SHE Mart बनाए जाएंगे। इन बाजारों में महिलाएं अपने द्वारा बनाए गए खाद्य पदार्थ, हस्तशिल्प, कपड़े और स्थानीय उत्पाद सीधे बेच सकेंगी। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और महिलाओं की आय बढ़ेगी।
रेल, जलमार्ग और ग्रीन ट्रांसपोर्ट:
परिवहन क्षेत्र में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई है। इनमें मुंबई-पुणे (Mumbai–Pune), पुणे-हैदराबाद (Pune–Hyderabad), हैदराबाद-चेन्नई (Hyderabad–Chennai), हैदराबाद-बेंगलुरु (Hyderabad–Bengaluru), चेन्नई-बेंगलुरु (Chennai–Bengaluru), दिल्ली-वाराणसी (Delhi–Varanasi) और वाराणसी-सिलीगुड़ी (Varanasi–Siliguri) शामिल हैं। इसके साथ ही अगले पांच वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग विकसित किए जाएंगे और बनारस (Varanasi) व पटना (Patna) में जहाज मरम्मत सुविधाएं बनाई जाएंगी।
खेती, पशुपालन और मछली पालन:
कृषि से जुड़े क्षेत्रों में आय और रोजगार बढ़ाने पर जोर दिया गया है। पशुपालन में नए व्यवसायों को बढ़ावा देने, नारियल प्रोत्साहन योजना से करीब तीन करोड़ लोगों को लाभ देने और काजू-कोको को 2030 तक वैश्विक पहचान दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। मछली पालन के लिए 500 तालाबों और अमृत सरोवरों का विकास किया जाएगा।
हैंडलूम और पर्यटन को बढ़ावा:
हैंडलूम कारीगरों के लिए नेशनल फाइबर स्कीम और नेशनल हैंडलूम पॉलिसी की तैयारी की जा रही है। मेगा टेक्सटाइल पार्क और मैन मेड फाइबर के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन क्षेत्र में 20 प्रमुख स्थलों पर 10,000 गाइड्स को प्रशिक्षण देने की पायलट योजना शुरू होगी। हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh), उत्तराखंड (Uttarakhand) और जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में ट्रेकिंग और हाइकिंग के लिए पर्यावरण अनुकूल मार्ग विकसित किए जाएंगे।
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