बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन:ब्रेन कैंसर था; मायावती राखी बांधती थीं, बेटे से बोलीं- हिम्मत नहीं हारना
BSP (बसपा) के इकलौते विधायक Umashankar Singh (उमाशंकर सिंह) का बुधवार रात करीब साढ़े नौ बजे निधन हो गया। उन्होंने Fortis Hospital (फोर्टिस अस्पताल), Delhi (दिल्ली) में अंतिम सांस ली। 55 वर्षीय उमाशंकर सिंह लंबे समय से ब्रेन कैंसर से जूझ रहे थे। उनका इलाज अमेरिका में भी कराया गया था, लेकिन बीमारी चौथे चरण तक पहुंच चुकी थी। उनके निधन से BSP (बसपा) के साथ-साथ Ballia (बलिया) और Purvanchal (पूर्वांचल) की राजनीति में शोक की लहर है। परिवार में पत्नी Pushpa Singh (पुष्पा सिंह), बेटी Yamini (यामिनी) और बेटे Prince Yukesh (प्रिंस युकेश) हैं।
तीन बार बने विधायक, पार्टी का अकेला प्रतिनिधित्व किया:
Umashankar Singh (उमाशंकर सिंह) Ballia (बलिया) जिले की Rasra (रसड़ा) विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक चुने गए। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में BSP (बसपा) को केवल एक सीट मिली थी और उसी सीट पर जीत दर्ज कर उन्होंने विधानसभा में पार्टी का खाता खोला था। लगातार तीन चुनावों में मिली जीत ने क्षेत्र में उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ को स्थापित किया।
परिवार और राजनीतिक विरासत:
उमाशंकर सिंह की पत्नी Pushpa Singh (पुष्पा सिंह) उनकी कंपनी C.S. Infraconstruction Limited (सी.एस. इंफ्राकंस्ट्रक्शन लिमिटेड) की प्रबंध निदेशक हैं, जबकि उनके पुत्र Prince Yukesh (प्रिंस युकेश) कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हैं। उनके निधन के बाद राजनीतिक विरासत के उत्तराधिकारी के रूप में प्रिंस युकेश का नाम सामने आ रहा है, हालांकि वे अब तक सक्रिय राजनीति में नजर नहीं आए हैं। वर्ष 2019 में बेटी यामिनी और 2024 में बेटे युकेश का विवाह हुआ था। Dinesh Pratap Singh (दिनेश प्रताप सिंह) की भतीजी Kanika Singh (कनिका सिंह), प्रिंस युकेश की पत्नी हैं।
Mayawati (मायावती) ने जताया गहरा शोक:
BSP (बसपा) प्रमुख Mayawati (मायावती) उमाशंकर सिंह को अपना छोटा भाई मानती थीं। पिछले वर्ष रक्षाबंधन पर उन्होंने स्वयं उन्हें राखी बांधी थी। निधन की सूचना मिलने के बाद उन्होंने प्रिंस युकेश से फोन पर बात कर परिवार को हिम्मत बनाए रखने का संदेश दिया। सोशल मीडिया मंच X (एक्स) पर उन्होंने लिखा कि उमाशंकर सिंह पार्टी के प्रति पूरी निष्ठा रखने वाले नेता थे और उनका परिवार BSP (बसपा) परिवार का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में पूरी पार्टी परिवार के साथ खड़ी है।
अंतिम संस्कार रसड़ा में होगा:
BSP (बसपा) के सूत्रों के अनुसार, उमाशंकर सिंह का अंतिम संस्कार गुरुवार को Rasra (रसड़ा) में किया जाएगा। उनके निधन के बाद समर्थकों और क्षेत्र के लोगों में शोक का माहौल है।
बीमारी के बावजूद विधानसभा से जुड़े थे:
स्वास्थ्य कारणों से 24 फरवरी 2025 को आयोजित विधानसभा सत्र में उमाशंकर सिंह ऑनलाइन शामिल हुए थे। उस दौरान Uttar Pradesh Assembly (उत्तर प्रदेश विधानसभा) के अध्यक्ष Satish Mahana (सतीश महाना) ने उन्हें वर्चुअल माध्यम से अपनी बात रखने की अनुमति दी थी और पूरे सदन की ओर से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की थी। उमाशंकर सिंह ने भी विधानसभा अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया था।
छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर:
उमाशंकर सिंह के पिता Ghurahu Singh (घुरहू सिंह) भारतीय सेना से सेवानिवृत्त थे। उन्होंने अपनी शिक्षा Ballia (बलिया) में पूरी की और छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय हो गए। Satish Chandra College (सतीश चंद्र कॉलेज) के छात्रसंघ चुनाव में जीत के साथ उन्होंने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। राजनीति में आने से पहले वे ठेकेदारी का कार्य करते थे। जिला पंचायत चुनाव जीतने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया और वर्ष 2011 में BSP (बसपा) में शामिल हुए। वर्ष 2012 में पहली बार Rasra (रसड़ा) से विधायक बने और इसके बाद 2017 तथा 2022 में भी लगातार जीत दर्ज की।
पूर्वांचल में बनाई अलग पहचान:
Umashankar Singh (उमाशंकर सिंह) को Purvanchal (पूर्वांचल) में BSP (बसपा) का प्रमुख चेहरा माना जाता था। वर्ष 2012 में 251 लड़कियों तथा वर्ष 2016 में 351 हिंदू-मुस्लिम जोड़ों का सामूहिक विवाह कराकर वे चर्चा में आए थे। क्षेत्र में विकास कार्यों और जनसेवा के कारण उनकी अलग पहचान बनी। फरवरी 2026 में कैंसर के इलाज के दौरान Income Tax Department (आयकर विभाग) ने उनके कई ठिकानों पर छापेमारी भी की थी।
अयोग्यता से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक का सफर:
14 जनवरी 2017 को तत्कालीन राज्यपाल Ram Naik (राम नाईक) ने Representation of the People Act (रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट) के उल्लंघन के मामले में उन्हें अयोग्य घोषित किया था। उन पर सरकारी ठेके अपने नाम पर लेने का आरोप था, जिसे Lokayukta (लोकायुक्त) की जांच में सही पाया गया। High Court (हाईकोर्ट) के निर्देश और Election Commission (चुनाव आयोग) की सिफारिश के बाद उनकी सदस्यता समाप्त कर दी गई थी। बाद में उन्होंने इस फैसले को Supreme Court (सुप्रीम कोर्ट) में चुनौती दी, जहां फैसला उनके पक्ष में आया।
संपत्ति और कारोबार:
वर्ष 2022 के चुनावी शपथ पत्र के अनुसार, उमाशंकर सिंह के पास लगभग 54.05 करोड़ रुपये की संपत्ति थी। इसमें 18.05 करोड़ रुपये की चल और 35.99 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल थी। उन पर लगभग 13 करोड़ रुपये का कर्ज भी था। राजनीति के साथ-साथ वे कारोबार में भी सक्रिय थे। उनकी कंपनी Chhatra Shakti Constructions (छात्र शक्ति कंस्ट्रक्शन्स) सड़क निर्माण का कार्य करती थी। इसके अलावा वे निर्माण, खनन, शिक्षा और होटल व्यवसाय से भी जुड़े थे।
राजनीतिक दलों ने दी श्रद्धांजलि:
Chief Minister Yogi Adityanath (मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ) ने उमाशंकर सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की। Akhilesh Yadav (अखिलेश यादव) ने भी शोक संदेश जारी कर परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। पूर्व सांसद Brij Bhushan Singh (बृजभूषण सिंह) और मंत्री Dinesh Pratap Singh (दिनेश प्रताप सिंह) ने भी उनके निधन को बड़ी क्षति बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रदेश में अब पांच विधानसभा सीटें रिक्त:
उमाशंकर सिंह के निधन के बाद Uttar Pradesh (उत्तर प्रदेश) में अब कुल पांच विधानसभा सीटें रिक्त हो गई हैं। इनमें तीन सीटें SP (सपा) तथा एक-एक सीट BJP (भाजपा) और BSP (बसपा) की हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार विधानसभा का कार्यकाल एक वर्ष से कम बचा होने के कारण इन सीटों पर अब उपचुनाव नहीं कराया जाएगा।
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com
#Tags: #UmashankarSingh #BSP #Ballia #Rasra #Mayawati #UttarPradesh #Politics #MLA #Tribute