गाजीपुर (Ghazipur) में एक इंटर कॉलेज (Inter College) के सहायक अध्यापक द्वारा वेतन के साथ-साथ कथित रूप से पेंशन लेने का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कॉलेज प्रशासन ने इस मामले में पहले ही 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें संबंधित शिक्षक का नाम भी शामिल है। जांच के बाद उन्हें निलंबित कर कॉलेज परिसर में प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है।
फर्जी पेंशन भुगतान का आरोप:
जानकारी के अनुसार, सहायक अध्यापक ने कथित रूप से फर्जी पेंशन पेमेंट ऑर्डर (Pension Payment Order-PPO) तैयार कर स्वयं को सेवानिवृत्त दर्शाया और लंबे समय तक नियमित वेतन के साथ पेंशन का भी लाभ लेते रहे। मामला सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर इसकी गंभीरता से जांच की गई, जिसके बाद कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
शिकायत से खुला पूरा मामला:
इस पूरे प्रकरण का खुलासा वर्ष 2018 में शिक्षक हरिद्वार राम (Haridwar Ram) के निधन के बाद हुआ। उनकी पत्नी प्रेमिला (Premila) को पारिवारिक पेंशन नहीं मिली, जिसके बाद उन्होंने विभाग में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनके पति के साथ कार्यरत चंद्रिका सिंह यादव (Chandrika Singh Yadav) और सुमंत कुमार भास्कर (Sumant Kumar Bhaskar) को पेंशन मिल रही है, जबकि एडहॉक शिक्षकों को इस प्रकार की पेंशन का लाभ नहीं मिलना चाहिए।
जांच में सामने आई अहम जानकारी:
शिकायत मिलने के बाद तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक (District Inspector of Schools-DIOS) ने मामले का संज्ञान लेते हुए वाराणसी (Varanasi) स्थित उपनिदेशक कार्यालय को जांच के लिए पत्र भेजा। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जिन पीपीओ (PPO) नंबरों के आधार पर पेंशन ली जा रही थी, वे पहले से ही अन्य पेंशनभोगियों के नाम पर जारी थे। इससे स्पष्ट हुआ कि कथित रूप से फर्जी नंबरों का उपयोग कर पेंशन प्राप्त की जा रही थी।
एफआईआर और निलंबन की कार्रवाई:
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कॉलेज प्रशासन ने 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। संबंधित सहायक अध्यापक को भी इस मामले में नामजद किया गया। इसके बाद विद्यालय प्रशासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और कॉलेज परिसर में उनके प्रवेश पर रोक लगा दी। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई संबंधित विभाग और पुलिस द्वारा की जा रही है।
जांच जारी, अंतिम निष्कर्ष का इंतजार:
यह मामला फिलहाल जांच के दायरे में है। संबंधित एजेंसियां उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं। अंतिम निर्णय जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
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रिपोर्ट : सऊद अंसारी
ब्यूरो: हसीन अंसारी