Ghazipur: मुजरे के आगे दबंग हुए चित, एक बार फिर सजेगी महफ़िल…
खुशियाँ बाँट दी सबको, पर खुद की हसरतें अभी राख हैं. दिल तवायफ बन गया है, पर जिस्म अभी भी पाक है.. ये रिपोर्ट शायद इस शायरी को चरितार्थ कर दें यूँ तो तवायफों की कहानियां कई है और दर्द भरी भी हैं. फिल्मों में तवायफों के कई रूप दिखाए गयें और उन तस्वीरों को…