रामायण (लघु कथा) : धर्म, ज्ञान और अहंकार का अद्वितीय संदेश
धरती पर जन्मे रावण का जीवन विरोधाभासों से भरा था। वह भगवान शिव का अनन्य भक्त था और कठोर तपस्या से वरदान प्राप्त कर चुका था। वेदों और उपनिषदों का ज्ञाता होने के कारण उसे महाज्ञानी कहा गया। लेकिन जब ज्ञान के साथ विवेक न रहे और शक्ति के साथ विनम्रता न हो तो…