UP: सैफई में धर्म-राजनीति का ‘संगम’, शंकराचार्य की गो-रक्षा मुहिम को मिला सपा का साथ, सरकार पर साधा निशाना

सैफई (Saifai) में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज की यात्रा के दौरान धार्मिक और राजनीतिक माहौल एक साथ देखने को मिला। इस दौरान समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव और मैनपुरी (Mainpuri) सांसद डिंपल यादव ने शंकराचार्य का स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद लिया गया। पूरे आयोजन में गौ-संरक्षण और सामाजिक संदेश प्रमुख रूप से चर्चा में रहा।

सैफई में भव्य स्वागत और कार्यक्रम:
शनिवार को सैफई के एक निजी विद्यालय परिसर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में डिंपल यादव, शिवपाल सिंह यादव, सांसद आदित्य यादव, विधायक तेज प्रताप यादव, पूर्व ब्लॉक प्रमुख मृदुला यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमलता यादव और अभयराम यादव सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम स्थल पर स्थापित भगवान श्रीकृष्ण (Shri Krishna) की 60 फीट ऊंची प्रतिमा लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। इस आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल हुए, जो शंकराचार्य के दर्शन और आशीर्वाद के लिए पहुंचे थे।

डिंपल यादव का बयान और आस्था:
मंच से संबोधित करते हुए डिंपल यादव ने कहा कि यादव वंशी समाज के लोग गाय को सदैव पूज्य मानते आए हैं। उन्होंने कहा कि गाय को बचाने और उसके संरक्षण के लिए जो भी संभव होगा, वह और समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) पूरी तरह सहयोग करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि गाय को उन्होंने हमेशा मां के रूप में देखा है, क्योंकि वह सभी को पोषण देने का कार्य करती है। डिंपल यादव ने शंकराचार्य के समक्ष मंच पर आशीर्वाद भी लिया और सैफई में उनके आगमन पर सम्मान व्यक्त किया।

शिवपाल यादव का समर्थन और राजनीतिक टिप्पणी:
शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि इस अभियान में वे पूरी तरह साथ खड़े हैं। उन्होंने अपने संबोधन में प्रदेश की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आज भ्रष्टाचार ऊपर से लेकर नीचे तक फैला हुआ है और गरीबों व किसानों की समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान स्थिति से प्रदेश प्रभावित है और सुधार की आवश्यकता है।

शंकराचार्य का आरोप और अभियान:
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने अपने संबोधन में आरोप लगाया कि गाय की हत्या को बढ़ावा देने वाले लोगों के पीछे आर्थिक प्रभाव और व्यवस्था से जुड़े कारण हैं। उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन 28 फरवरी 2016 को जंतर-मंतर (Jantar Mantar) से शुरू हुआ था और आज भी जारी है। उन्होंने गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिए जाने की मांग दोहराई और इसे आवश्यक बताया।

कन्नौज की घटना और यात्रा अनुभव:
शंकराचार्य ने अपनी यात्रा के दौरान कन्नौज (Kannauj) की घटना का भी उल्लेख किया, जहां प्रशासनिक अनुमति न मिलने के कारण रात्रि विश्राम की व्यवस्था प्रभावित हुई थी। आरोप है कि निर्धारित स्थान पर ठहरने की अनुमति नहीं दी गई, जिसके बाद उन्हें अस्थायी टेंट में रुकना पड़ा। इस दौरान आवश्यक सुविधाओं की कमी के बीच समर्थकों ने हाथ के पंखों से राहत देने का प्रयास किया। शंकराचार्य ने कहा कि प्रशासन उनके अभियान में बाधा डालने का प्रयास कर रहा है, जबकि उनका उद्देश्य केवल गौ-संरक्षण और सामाजिक जागरूकता है।

अखिलेश यादव से मुलाकात का उल्लेख:
इस प्रसंग में यह भी सामने आया कि समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के प्रमुख अखिलेश यादव ने 12 मार्च 2026 को लखनऊ (Lucknow) में शंकराचार्य से मुलाकात की थी। लगभग एक घंटे चली इस मुलाकात में गौ-संरक्षण और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा हुई थी। मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने भी विभिन्न सार्वजनिक टिप्पणियां की थीं, जिसमें धर्म और समाज से जुड़े विषय शामिल थे।

निष्कर्ष:
सैफई (Saifai) में हुआ यह कार्यक्रम धार्मिक आस्था और राजनीतिक विचारों के संगम के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर गौ-संरक्षण अभियान की बात सामने आई, वहीं दूसरी ओर सामाजिक और राजनीतिक विचारों की अभिव्यक्ति भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी।


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