आरएसएस में मुस्लिमों की भागीदारी पर मोहन भागवत का बड़ा बयान

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की नीतियों पर मोहन भागवत का बयान:
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने हाल ही में दिए एक बयान में स्पष्ट किया कि संघ किसी व्यक्ति विशेष या राजनीतिक दल का समर्थन नहीं करता, बल्कि नीतियों के आधार पर अपने विचार रखता है। उन्होंने कहा कि आरएसएस का उद्देश्य समाज में एकता, सहयोग और राष्ट्रहित की भावना को मजबूत करना है। इसलिए, कोई भी व्यक्ति जो खुद को भारत माता का पुत्र मानता है, संघ में स्वागत योग्य है।

सभी समुदायों के लिए खुला संघ:
मोहन भागवत ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ किसी धर्म, जाति या समुदाय के आधार पर भेदभाव नहीं करता। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई मुस्लिम व्यक्ति खुद को भारत माता का पुत्र मानता है और राष्ट्र की सेवा की भावना रखता है, तो संघ में उसके लिए भी दरवाजे खुले हैं। उन्होंने कहा कि संघ की विचारधारा “वसुधैव कुटुम्बकम” यानी “सारा विश्व एक परिवार है” के सिद्धांत पर आधारित है।

संघ नीतियों का करता है समर्थन, किसी दल का नहीं:
संघ प्रमुख ने कहा कि आरएसएस किसी राजनीतिक दल का प्रचारक संगठन नहीं है। यह संस्था राष्ट्र निर्माण के लिए समाज में सकारात्मक सोच, अनुशासन और आत्मनिर्भरता की भावना को बढ़ावा देती है। उन्होंने कहा कि संघ नीतियों का समर्थन करता है, न कि किसी व्यक्ति विशेष या पार्टी का। यदि कोई नीति राष्ट्र के हित में है तो संघ उसका समर्थन करेगा।

संघ का मूल लक्ष्य राष्ट्र की सेवा:
भागवत ने कहा कि आरएसएस का कार्य राष्ट्र को मजबूत करना है, जिसके लिए सभी वर्गों और समुदायों को एकजुट होकर काम करना चाहिए। उन्होंने बताया कि संघ वर्षों से समाज के हर वर्ग में जागरूकता और एकता की भावना को बढ़ाने के लिए कार्य कर रहा है। संघ की शाखाओं में विभिन्न पृष्ठभूमि के लोग आते हैं और समाज सेवा के कार्यों में भाग लेते हैं।

संघ की विचारधारा पर उठने वाले सवालों का जवाब:
मोहन भागवत ने कहा कि आरएसएस को लेकर अक्सर गलतफहमियां फैलाने की कोशिश की जाती है, जबकि संघ का मूल उद्देश्य राष्ट्रहित और समाजिक समरसता है। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति सच्चे दिल से भारत माता की जय बोलता है और देश की प्रगति के लिए कार्य करना चाहता है, वह संघ का हिस्सा बन सकता है, चाहे उसका धर्म कोई भी क्यों न हो।

निष्कर्ष:
मोहन भागवत का यह बयान उन सभी अफवाहों और भ्रांतियों का जवाब है, जिनमें कहा जाता था कि आरएसएस केवल एक विशेष समुदाय के लिए है। उनका यह स्पष्ट संदेश इस बात को दर्शाता है कि संघ का दृष्टिकोण समावेशी है और उसका उद्देश्य सभी भारतीयों को राष्ट्रहित के लिए एक मंच पर लाना है।


#Tags: #RSS #MohanBhagwat #MuslimInRSS #India #Politics

डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

Related Post

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading