7 जून को बकरीद का त्योहार था। बरेली के गांधी पार्क में तमाम मुस्लिम लड़कियां अपने दोस्तों के साथ पहुंची थीं। तभी एक ग्रुप पहुंचा। उसने मुस्लिम लड़कियों और उनके साथ बैठे लड़कों से नाम पूछने शुरू किए। लड़कियों ने विरोध किया, तो इस्लाम और हिजाब का हवाला देकर धमकाया। यह सब जब हो रहा था, तब ग्रुप के ही लड़के इसे मोबाइल में रिकॉर्ड कर रहे थे। बाद में इसे सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। वीडियो देखें:
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यह हैरान करने वाला मामला था। पुलिस हरकत में आई और जांच शुरू की। पता चला कि एक पूरा दल है, जो इस तरह के काम में लगा है। वह वीडियो बनाकर बाकायदा सोशल मीडिया पर शेयर करता है। इस दल का नाम है- हैदरी दल। टैग लाइन है- मुस्लिम लड़कियों को भगवा जिहाद से बचाना। यह दल वॉट्सऐप ग्रुपों में प्लान बनाता, इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट होता। इसके सिर्फ एक नहीं, दर्जनों ग्रुप सामने आए। 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
हमने मीडिया प्लेटफार्म पर प्रकाशित पूरी रिपोर्ट को समझा । हम बरेली में आरोपियों के घर भी गए। इस दल के मकसद और काम करने के तरीके को समझा। पुलिस की कार्रवाई के बारे में जाना। चल रही जांच को भी समझा।
रिपोर्ट के अनुसार यूपी का बरेली जिला। 2011 की जनगणना के अनुसार, यहां की आबादी 44 लाख 48 हजार है। इसमें सिर्फ बरेली शहर की आबादी 15 लाख 68 हजार है। हिंदू-मुस्लिम लगभग बराबर हैं। इसलिए अक्सर दो धर्मों के बीच विवाद की स्थिति बन जाती है। कोई भी अपने आप को दूसरे से कम नहीं समझता। इन सबके बीच कुछ मुस्लिम युवाओं ने बजरंग दल की तर्ज हैदरी दल बना लिया। यह दल मुस्लिम लड़कियों को हिंदू लड़कों से बचाने का दावा करता है। कई बार हिंसक काम भी करता है।
7 जून को बकरीद के चलते बरेली गुलजार था। तमाम लोग नमाज के बाद शहर में घूमने निकले थे। इसमें मुस्लिम लड़कियां भी शामिल थीं। कई लड़कियां गांधी पार्क गईं। वहीं अपने हिंदू दोस्तों के साथ बैठकर बातें करने लगीं। तभी 4 लड़के पहुंचे। ये शहबाज रजा उर्फ सूफियान, समीर रजा, मुफ्ती खालिद और रियाजुद्दीन थे। ये हिजाब और बुर्का पहनी लड़कियों के पास पहुंचे और उनके बारे में पूछना शुरू किया। साथ बैठे लड़कों को धमकाकर पूछताछ की।
इन लड़कों की इस हरकत पर लड़कियों ने आपत्ति जताई। इस पर इन लोगों ने कहा- अगर तुम यहां बैठोगी तो नकाब उतारकर बैठोगी, क्योंकि यह तुम्हारे मां-बाप की जागीर नहीं है, बल्कि फातिमा की जागीर है। इसके बाद इन लड़कों का ग्रुप दूसरी लड़कियों के पास जाता है और वीडियो बनाकर उन्हें बेइज्जत करता है। ये सारे वीडियो सूफियान ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर डाले। एक वीडियो में उसने लिखा- पहली बार समझा दिया है। दूसरी बार मिली, तो हिजाब की इज्जत नीलाम नहीं होने देंगे। हैदरी दल इन चीजों को रोकेगा।
एक के बाद एक वीडियो वायरल हुआ, तो बरेली प्रशासन एक्टिव हो गया। जांच शुरू की, तो पता चला कि यह सब हैदरी दल कर रहा है। धर-पकड़ तेज हुई। पुलिस ने 10 जून को शहबाज रजा उर्फ सूफियान और समीर रजा को गिरफ्तार कर लिया। मुफ्ती खालिद और रियाजुद्दीन फरार हो गए। पुलिस ने इस पूरे दल की जांच में छापेमारी शुरू कर दी। एसओजी, सर्विलांस और क्राइम ब्रांच की भी टीम को लगा दिया गया। 16 जून को हैदरी दल के वॉट्सऐप ग्रुप में शामिल मोहम्मद जैश और शानू को गिरफ्तार किया गया। 26 जून को फरार रियाजुद्दीन को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
दैनिक भाष्कर की एक रिपोर्ट से पता चलता है कि हैदरी दल बनाने का आइडिया इन्हें बजरंग दल से मिला था। ये लड़के बजरंग दल के लव जिहाद के आरोपों का जवाब देना चाहते थे। इन लोगों ने हैदरी दल से जुड़े इंस्टाग्राम अकाउंट में इस तरह के वीडियो अपलोड किए, जिनमें एक मुस्लिम लड़की एक लड़के के साथ नजर आती है। लड़के के गले में भगवा गमछा था। दोनों को ये लोग पकड़ते हैं और फिर समझाते हैं। इसके बाद लड़के को लात-घूसों से पीटते हैं। इस वीडियो पर भगवा जिहाद शब्द लिखा हुआ है। पुलिस की जांच में अब तक हैदरी दल के 68 इंस्टाग्राम अकाउंट्स और 12 से ज्यादा वॉट्सऐप ग्रुप मिले हैं। हैदरी दल के दो इंस्टा अकाउंट बरेली के थे, बाकी दूसरे जिलों और राज्यों के थे। इन सभी पर मुस्लिम लड़कियों को रोकते, उनसे साथ के लड़कों को पीटते हुए दिखाया गया है। जिस सूफियान को गिरफ्तार किया गया है, उसके अकाउंट पर इस तरह से कई वीडियो पड़े थे। उसके 4 हजार से ज्यादा फॉलोअर थे। हालांकि, पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद उन सभी वीडियो को डिलीट करवा दिया है।
बड़ा सवाल था कि हैदरी दल को ऑपरेट कौन कर रहा? मीडिया रिपोर्ट से पता चलता है कि पुलिस ने 24 जून को नबी हसन को गिरफ्तार किया था। बरेली के फरीदपुर के पिपरथरा गांव का रहने वाला नबी हसन शाहजहांपुर के गुलशने मुस्तफा मदरसा में रहकर दीनी तालीम ले रहा है। उसकी वैसे पढ़ाई 5वीं क्लास तक की ही थी। उसका मोबाइल चेक हुआ, तो हैदरी दल के ग्रुप मिले। साथ ही 40 से ज्यादा अश्लील वीडियो-फोटो मिले। मदरसे के एक बच्चे के साथ कुकर्म के वीडियो भी थे। पुलिस ने उस नाबालिग बच्चे के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया और नबी को जेल भेज दिया। जांच में पता चला कि नबी हसन, हैदरी दल का प्रमुख मेंबर था। हालांकि यही मेन है, इसे लेकर कन्फ्यूजन है। क्योंकि पुलिस के अफसर भी इसे हैदरी दल का मुखिया नहीं मानते। वह अभी भी इस मामले में अन्य लोगों तक जांच में लगे हुए हैं।
हैदरी गैंग की एक्टिविटी को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी से मीडिया से कहते हैं कि हिंदू और मुस्लिम दोनों वर्ग के युवाओं में कट्टरपंथ बढ़ा है। जो इस तरह की विचारधारा के हैं, वही ऐसा कर रहे हैं। नौजवानों को अगर अपने समाज की बुराइयां खत्म करनी हैं, तो उन्हें पॉजिटिव सोच के साथ काम करना होगा। किसी भी समाज के खिलाफ जाकर काम नहीं किया जा सकता। हिंदू और मुस्लिम नौजवान इस तरह की जो भी एक्टिविटी कर रहे हैं, वो समाज के लिए और देश के लिए घातक है। समाज में जो पढ़े-लिखे लोग हैं, उन्हें समझाना चाहिए।