कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) के बयानों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) पर तीखी टिप्पणी की। खड़गे ने कहा, “मैं नहीं समझ पा रहा कि मोदी ट्रम्प के सामने क्यों झुक रहे हैं। यह देश के लिए ठीक नहीं है। आपको देश के लिए खड़ा होना चाहिए। देश ने आपको प्रधानमंत्री सिर हिलाने के लिए नहीं चुना।”
ट्रम्प के दावे पर प्रतिक्रिया:
खड़गे का बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दावे पर आया है, जिसमें ट्रम्प ने कहा था कि भारत ने रूस से तेल आयात कम किया ताकि वे उन्हें खुश कर सकें। खड़गे ने कहा कि भारत की विदेश नीति पर यह सवाल उठता है कि क्या प्रधानमंत्री मोदी अंतरराष्ट्रीय दबाव में आकर देशहित की जगह किसी और की प्रसन्नता को प्राथमिकता दे रहे हैं।
वेनेजुएला और वैश्विक स्थिति पर चिंता:
खड़गे ने वेनेजुएला (Venezuela) की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, “वहां बन रहे हालात दुनिया के लिए अच्छे नहीं हैं। डराने और विस्तारवादी नीति ज्यादा समय तक नहीं चलती। हिटलर और मुसोलिनी जैसे लोग इतिहास बन चुके हैं। वैश्विक शांति बिगाड़ने वाली सोच ठीक नहीं है।”
कांग्रेस के तीन अहम सवाल:
खड़गे ने अमेरिकी दावों और मोदी सरकार की विदेश नीति पर तीन सवाल उठाए:
- क्या भारत की विदेश नीति अब अमेरिका तय कर रहा है?
- क्या रूस से तेल आयात घटाने का फैसला ट्रम्प को खुश करने के लिए लिया गया?
- ट्रम्प की धमकियों और दावों पर मोदी चुप क्यों हैं?
भारत-पाक शांति दावे पर तंज:
खड़गे ने ट्रम्प के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ने बार-बार भारत और पाकिस्तान के बीच शांति कराने की बात कही। खड़गे बोले, “ट्रम्प कम से कम 70 बार कह चुके हैं कि उन्होंने भारत-पाक के बीच शांति कराई। क्या इसका मतलब है कि दुनिया उनके आगे झुक जाए? दुनिया नहीं झुकेगी।”
5 जनवरी को ट्रम्प का बयान:
ट्रम्प ने 5 जनवरी को भारत के रूस से तेल आयात घटाने पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा, “भारत ने यह फैसला मुझे खुश करने के लिए लिया। वे मुझे खुश करना चाहते थे। प्रधानमंत्री मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं। वह जानते थे कि मैं खुश नहीं था, इसलिए मुझे खुश करना जरूरी था। हम व्यापार करते हैं और उन पर टैरिफ बढ़ा सकते हैं।”
यूक्रेन युद्ध और तेल आयात:
यूक्रेन (Ukraine) युद्ध के बाद भारत रूस (Russia) का सबसे बड़ा तेल खरीदार बन गया था। अमेरिकी अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि भारत रूस से तेल खरीदकर यूक्रेन पर हो रहे हमलों को फंड कर रहा है। इसके कारण ट्रम्प प्रशासन ने भारत पर 25% टैरिफ लगाने की चेतावनी भी दी थी।
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