आगरा के थाना शाहगंज के नरीपुरा क्षेत्र में एक 15 वर्षीय किशोरी को एक महीने तक बंधक बनाकर दुष्कर्म करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। किशोरी को पड़ोस में रहने वाली एक महिला बहला-फुसलाकर अपने मायके ले गई थी, जहां उसे एक महीने तक बंधक बनाकर रखा गया और दो युवकों ने उसके साथ रोजाना दुष्कर्म किया। किशोरी की सूचना पर पुलिस ने उसे 11 सितंबर को मुक्त कराया। पुलिस ने इस मामले में पीड़िता की मां की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में जुटी है।
सिलाई मशीन का लालच देकर फंसाया
पीड़िता की मां के अनुसार, उनके पड़ोस के मकान में एक महिला किराए पर रहती थी जो उनके घर अक्सर आया-जाया करती थी। एक दिन उसने किशोरी को सिलाई मशीन दिलवाने का लालच दिया और अपने साथ ले गई। हालांकि, उस दिन मशीन न मिलने की बात कहकर वह किशोरी को घर वापस छोड़ गई। इसके बाद 13 अगस्त को वह दोबारा उनके घर आई। उस समय किशोरी के माता-पिता दोनों अपने काम पर गए हुए थे। महिला ने किशोरी को बताया कि सिलाई मशीन बंट रही है और उसे लेने के लिए उसके साथ चलना होगा। किशोरी ने पहले अकेले होने की बात कहकर मना कर दिया, लेकिन महिला ने उसे बातों में उलझाया और एक घंटे में वापस आने का वादा किया। किशोरी उसकी बातों में आ गई और उसके साथ चली गई, जिसके बाद उसका कुछ पता नहीं चला।
फोन कॉल से हुआ खुलासा
किशोरी के गायब होने से परिजन परेशान हो गए और उसकी तलाश करने लगे। एक महीने बाद, 11 सितंबर की देर रात किशोरी ने किसी तरह अपनी मौसी के फोन पर कॉल किया। उसने बताया कि पड़ोस में रहने वाली महिला उसे सिलाई मशीन दिलाने के बहाने अपने मायके रोहता ले गई है। वहाँ उसे एक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया है और केवल खाना देने के लिए ही कमरा खोला जाता है। किशोरी ने बताया कि महिला के तहेरे भाई संदीप और मनमोहन रोज उसके साथ दुष्कर्म करते हैं।
पुलिस ने की कार्रवाई
किशोरी की जानकारी मिलते ही परिजनों ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर किशोरी को मुक्त कराया। किशोरी ने पुलिस को अपने साथ हुई सारी घटना की जानकारी दी। एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने बताया कि पीड़िता की मां की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
किशोरी का मेडिकल कराया जा रहा है और पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी हुई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उन्हें कड़ी सजा मिलेगी। यह घटना एक बार फिर से इस बात पर जोर देती है कि कैसे अपराधियों ने महिलाओं और बच्चियों को फंसाने के लिए नए-नए तरीके अपनाए हैं।