अयोध्या: राम मंदिर को कल मिलेगा पहला CEO! चर्चा में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट समेत ये 4 नाम

अयोध्या (Ayodhya) में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) के पहले सीईओ के चयन को लेकर चल रहा इंतजार अब खत्म होने वाला है। सीईओ के चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने 1 सितंबर को अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी है। अब 2 सितंबर को ट्रस्ट की बैठक होनी है। माना जा रहा है कि बैठक में तीन नामों पर चर्चा के बाद पहले सीईओ के नाम पर अंतिम फैसला हो सकता है। इसी बैठक में ट्रस्ट के अन्य खाली पदों को लेकर भी निर्णय लिए जाने की संभावना है।

सीईओ पद के चयन की प्रक्रिया 5,585 आवेदनों से शुरू हुई थी। आवेदनों की जांच के बाद 16 उम्मीदवारों को अंतिम चरण के लिए चुना गया। इन उम्मीदवारों से 3 से 6 अगस्त के बीच ऑनलाइन बातचीत की गई। इसके बाद 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में आमने-सामने साक्षात्कार लिया गया। पूरी चयन प्रक्रिया के बाद सर्च कमेटी ने तीन नामों का पैनल तैयार किया और इसे 1 सितंबर को ट्रस्ट को सौंप दिया।

चार नामों की चर्चा, पैनल की जानकारी सार्वजनिक नहीं:

सीईओ पद के लिए एनकाउंटर स्पेशलिस्ट राजेश पांडे (Rajesh Pandey), बिहार के आईपीएस परेश सक्सेना (Paresh Saxena), उत्तर प्रदेश कैडर के पूर्व आईपीएस दिनेश चंद्र (Dinesh Chandra) और पूर्व आईएएस अधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा (Yogeshwar Ram Mishra) के नाम चर्चा में हैं। हालांकि, इन चार नामों में से किन तीन नामों को सर्च कमेटी ने अंतिम पैनल में शामिल किया है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

अंतिम चरण के लिए चुने गए 16 उम्मीदवारों में ज्यादातर सेना और प्रशासन से जुड़े लोग रहे। चयन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों के अनुभव के साथ उनकी नेतृत्व क्षमता, प्रबंधन क्षमता, ईमानदारी और दूरदर्शिता जैसे पहलुओं को भी परखा गया।

तीन सदस्यीय कमेटी ने पूरी की चयन प्रक्रिया:

सीईओ के चयन के लिए बनाई गई सर्च कमेटी में न्यायमूर्ति सेवानिवृत्त प्रमोद कोहली (Pramod Kohli), लेफ्टिनेंट जनरल सेवानिवृत्त वी.के. चतुर्वेदी (V.K. Chaturvedi) और डॉ. सुरेश हावरे (Suresh Haware) शामिल रहे। कमेटी के सदस्यों के पास न्यायपालिका, सेना और परमाणु विज्ञान के क्षेत्र में लंबे अनुभव की जानकारी दी गई है।

उम्मीदवारों को नेतृत्व क्षमता, प्रबंधन, कार्य अनुभव, सत्यनिष्ठा और दूरदर्शिता जैसे मानकों के आधार पर परखा गया। कमेटी की अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंपे जाने के दौरान गोविन्ददेव महाराज, संत दिनेंद्र दास, कृष्ण मोहन, शशांक त्रिपाठी, दिनेश, जगदीश आफले, जगन्नाथ गुलवे और बजरंग बागड़ा मौजूद रहे।

सर्च कमेटी के सचिव समीर पंडा (Sameer Panda) ने बताया कि पूरी चयन प्रक्रिया निर्धारित समय से पहले पूरी कर ली गई।

2 सितंबर की बैठक में होगा अंतिम फैसला:

अब सीईओ के चयन का अंतिम फैसला श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को करना है। 2 सितंबर को होने वाली बैठक में सर्च कमेटी की ओर से सौंपे गए तीन नामों पर चर्चा होगी। इसके बाद इनमें से किसी एक नाम पर अंतिम मुहर लगाई जा सकती है।

ट्रस्ट की इसी बैठक में दूसरे खाली पदों को लेकर भी निर्णय होने की संभावना है। ऐसे में बैठक को सीईओ के चयन की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।

1 जुलाई से शुरू हुई थी चयन प्रक्रिया:

सीईओ के चयन की प्रक्रिया 1 जुलाई को शुरू हुई थी। उस दिन चयन प्रक्रिया और पात्रता से जुड़े मानकों को लेकर पहली बैठक हुई थी। इसके बाद 6 जुलाई को चयन समिति का गठन किया गया। 14 जुलाई को समीर पंडा को सर्च कमेटी का सचिव बनाया गया, जबकि 18 जुलाई को आवेदन की प्रक्रिया बंद कर दी गई।

आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जुलाई में आवेदनों की जांच की गई। इसके बाद अगस्त में उम्मीदवारों से ऑनलाइन बातचीत हुई और अंतिम 16 उम्मीदवारों का अयोध्या में आमने-सामने साक्षात्कार लिया गया। पूरी प्रक्रिया के बाद 1 सितंबर को तीन नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंप दिया गया।

अब 2 सितंबर को होने वाली बैठक में यह तय होना है कि सर्च कमेटी के पैनल में शामिल तीन नामों में से किसे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला सीईओ बनाया जाता है।

डिस्क्लेमर:

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