राममंदिर चढ़ावा चोरी के 2 महीने बाद चंपत राय दिखे:अयोध्या में उंगली दिखाकर कैमरे बंद कराए, बोले- मरते दम तक यहीं रहूंगा

करीब दो महीने पहले सामने आए Ram Mandir (राम मंदिर) चढ़ावा चोरी मामले के बाद पूर्व महासचिव Champat Rai (चंपत राय) मंगलवार को पहली बार Ayodhya (अयोध्या) में सार्वजनिक रूप से नजर आए। वह Tapasvi Chhavani Temple (तपस्वी छावनी मंदिर) पहुंचे, जहां उनके आगमन के दौरान मीडिया कर्मियों ने उनकी तस्वीरें और वीडियो बनानी शुरू कर दीं। इसी दौरान चंपत राय नाराज दिखाई दिए और उंगली से इशारा करते हुए अपने साथ मौजूद लोगों से कैमरे बंद कराने को कहा। उनकी यह मौजूदगी और प्रतिक्रिया चर्चा का विषय बनी रही।

परमहंस आचार्य से हुई मुलाकात:

Tapasvi Chhavani Temple (तपस्वी छावनी मंदिर) में चंपत राय की मुलाकात Paramhans Acharya (परमहंस आचार्य) से हुई। मुलाकात के बाद परमहंस आचार्य ने बताया कि उन्होंने चंपत राय से अयोध्या न छोड़ने का आग्रह किया। उनके अनुसार, चंपत राय ने इस आग्रह को स्वीकार करते हुए कहा कि उनका कहीं भी आना-जाना हो सकता है, लेकिन उनका स्थायी निवास Ayodhya (अयोध्या) ही रहेगा और वे अंतिम सांस तक यहीं रहेंगे।

परमहंस आचार्य ने यह भी कहा कि पूरा सनातन समाज चंपत राय का सम्मान करता है। उनके अनुसार, कुछ लोग राजनीतिक कारणों से उनका विरोध कर रहे हैं, जबकि उनके नेतृत्व में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ है।

चढ़ावा चोरी के बाद पहली सार्वजनिक मौजूदगी:

Ram Mandir (राम मंदिर) के चढ़ावे में चोरी का मामला 6 जून 2026 को सामने आया था। इसके बाद 7 जून को चंपत राय ने एक वीडियो जारी कर कहा था कि राम मंदिर में कोई चोरी नहीं हुई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मामले में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसी घटना के बाद यह पहली बार है जब चंपत राय सार्वजनिक रूप से अयोध्या में दिखाई दिए।

महासचिव पद से दिया था इस्तीफा:

चढ़ावा चोरी के मामले के बाद Champat Rai (चंपत राय) ने 26 जून 2026 को Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust (श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट) के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 6 जुलाई को ट्रस्ट की बैठक आयोजित हुई, जिसमें उनके इस्तीफे को स्वीकार कर लिया गया।

ट्रस्ट ने उनकी जगह सेवानिवृत्त IFS Krishna Mohan (आईएफएस कृष्ण मोहन) को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी। बैठक के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष Govind Dev Giri (गोविंद देव गिरी) ने बताया था कि चंपत राय का मानना था कि जब तक इस मामले के आरोपी पूरी तरह पकड़े नहीं जाते, तब तक उनका पद पर बने रहना उचित नहीं होगा। उन्होंने चढ़ावा चोरी की घटना को दुखद और शर्मनाक बताया था।

आरोपों को बताया था बेबुनियाद:

महासचिव पद छोड़ने के अगले दिन, 7 जुलाई को चंपत राय ने सोशल मीडिया मंच X (एक्स) पर राम भक्तों के नाम एक पत्र साझा किया था। इस पत्र में उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया था। उन्होंने कहा था कि इस मामले में गठित SIT (एसआईटी) की जांच पूरी होने के बाद ही वह विस्तार से अपनी बात सार्वजनिक करेंगे।

नए महासचिव और सीईओ पर फैसला बाकी:

जानकारी के अनुसार, Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust (श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट) में स्थायी महासचिव के रूप में Vishwa Hindu Parishad (विश्व हिंदू परिषद) के नेता Bajrang Lal Bagda (बजरंग लाल बागड़ा) का नाम चर्चा में है। बताया गया है कि उनके नाम पर ट्रस्ट की बैठक में सहमति बन चुकी है और 2 सितंबर को प्रस्तावित बैठक में इसकी औपचारिक घोषणा हो सकती है। फिलहाल Krishna Mohan (कृष्ण मोहन) कार्यवाहक महासचिव के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

इसके अलावा ट्रस्ट Chief Executive Officer (सीईओ) की नियुक्ति की प्रक्रिया भी चला रहा है। इस पद के लिए 18 जुलाई तक आवेदन आमंत्रित किए गए थे। जानकारी के अनुसार, पूर्व IPS Amitabh Thakur (आईपीएस अमिताभ ठाकुर) सहित पांच हजार से अधिक लोगों ने आवेदन किया है।

22 जुलाई को Govind Dev Giri (गोविंद देव गिरी) ने बताया था कि खाली पदों पर नियुक्ति का अंतिम निर्णय ट्रस्ट की अगली बैठक में लिया जाएगा। माना जा रहा है कि 2 सितंबर की बैठक में नए सीईओ के लिए तीन नामों की शॉर्टलिस्ट पर भी अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।

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