‘राम मंदिर सरकार नहीं, संतों के पास रहे’:कैलाशानंद गिरि बोले- सरकार सिर्फ निगरानी करे; मंदिर में सबसे पहला दान मैंने किया

लखनऊ (Lucknow) पहुंचे श्रीपंचायती अखाड़ा निरंजनी (Shri Panchayati Akhada Niranjani), हरिद्वार (Haridwar) के पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज (Swami Kailashanand Giri Maharaj) ने श्रीराम जन्मभूमि (Shri Ram Janmabhoomi) से जुड़े हालिया प्रकरण पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि श्रीराम मंदिर से जुड़े किसी भी मामले में कोई गड़बड़ी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के रहते इस प्रकरण की सच्चाई समाज के सामने अवश्य आएगी।

श्रीराम जन्मभूमि निर्माण से जुड़ी यादें साझा कीं:
स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने कहा कि वह श्रीराम जन्मभूमि (Shri Ram Janmabhoomi) के शिलापूजन से लेकर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव तक पूरे कार्यक्रम के साक्षी रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा के दिन भी वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के साथ कार्यक्रम में मौजूद थे। उनके अनुसार प्रधानमंत्री का विशेष ध्यान श्रीराम जन्मभूमि, काशी विश्वनाथ (Kashi Vishwanath), केदारनाथ (Kedarnath), बद्रीनाथ (Badrinath) और उज्जैन महाकाल लोक (Mahakal Lok) जैसे धार्मिक स्थलों के विकास पर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं कोई अनियमितता हुई होगी तो उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सरकार द्वारा गठित एसआईटी (SIT) की जांच के माध्यम से पूरी सच्चाई सामने आएगी।

नृपेंद्र मिश्रा पर जताया विश्वास:
स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने श्रीराम जन्मभूमि निर्माण समिति (Shri Ram Janmabhoomi Nirman Samiti) के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा (Nripendra Misra) का उल्लेख करते हुए कहा कि वह लंबे समय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के साथ जुड़े रहे हैं। उनके अनुसार कोई भी गलत व्यक्ति किसी प्रतिष्ठित और जिम्मेदार व्यक्ति के साथ लंबे समय तक नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि नृपेंद्र मिश्रा प्रधानमंत्री के साथ गुजरात (Gujarat) से लेकर केंद्र सरकार तक के कार्यकाल में जुड़े रहे हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि सही जानकारी प्रधानमंत्री तक पहुंचाई जाएगी।

प्रधानमंत्री किसी भी गड़बड़ी को स्वीकार नहीं करेंगे:
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को इस पूरे विषय की जानकारी संबंधित अधिकारियों के माध्यम से मिल रही होगी और वह किसी भी प्रकार की अनियमितता को स्वीकार नहीं करेंगे। स्वामी कैलाशानंद गिरि ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि केवल एक मंदिर नहीं बल्कि करोड़ों सनातनियों की आस्था का केंद्र है, इसलिए इससे जुड़े किसी भी मामले को गंभीरता से लिया जाएगा।

धार्मिक स्थलों के विकास का किया उल्लेख:
स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने कहा कि उत्तराखंड (Uttarakhand) में केदारनाथ (Kedarnath) और बद्रीनाथ (Badrinath) धाम के विकास पर भी बड़े स्तर पर कार्य हो रहा है। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में उनका भी एक आश्रम बन रहा है और वहां भी व्यापक विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने भास्कर खुल्बे (Bhaskar Khulbe) का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे जिम्मेदार अधिकारी भी प्रधानमंत्री के साथ जुड़े हुए हैं, इसलिए उन्हें विश्वास है कि किसी भी प्रकार की जानकारी छिपाई नहीं जाएगी।

दान को लेकर व्यक्त की अपनी भावना:
स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के निर्णय के बाद उन्होंने अपनी ओर से 11 लाख रुपये श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए समर्पित किए थे। उन्होंने कहा कि उस समय विश्व हिंदू परिषद (Vishwa Hindu Parishad) से जुड़े पदाधिकारियों ने उनसे राशि देने की आवश्यकता नहीं बताई थी, लेकिन उन्होंने इसे अपनी श्रद्धा का विषय मानते हुए दान दिया। उन्होंने कहा कि आज यदि किसी प्रकार के विवाद सामने आए हैं तो स्वाभाविक रूप से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं, लेकिन उन्हें विश्वास है कि पूरी जांच के बाद सत्य सामने आएगा।

जांच पूरी होने तक निर्णय पर दी राय:
स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी ट्रस्टी या पदाधिकारी से इस्तीफे की मांग करना उचित नहीं होगा। उनके अनुसार यदि जांच में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होना स्वाभाविक है, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ न्यास (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) एक बड़ी संस्था है और उसके संबंध में निर्णय तथ्यों के आधार पर ही होना चाहिए।

दान में मिली वस्तुओं पर भी मांगा स्पष्ट जवाब:
स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने कहा कि यदि दान में प्राप्त सोना या चांदी मंदिर निर्माण में उपयोग की गई है तो उसका स्पष्ट विवरण समाज के सामने रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किस सामग्री का किस प्रकार उपयोग हुआ है, इसका पारदर्शी स्पष्टीकरण मिलना आवश्यक है। उन्होंने दोहराया कि यदि कहीं कोई गड़बड़ी हुई होगी तो जांच के बाद उसका खुलासा अवश्य होगा।

सत्य सामने आने का जताया भरोसा:
स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने कहा कि वह पूरे देश के सनातन समाज को आश्वस्त करना चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के रहते श्रीराम जन्मभूमि (Shri Ram Janmabhoomi) से जुड़े किसी भी मामले में यदि कोई अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर ही उचित निर्णय लिया जाएगा।

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