अयोध्या: रामलला का हार और चरण पादुका भी हो गए चोरी? पुजारी, टिन्नू यादव समेत कई शक के घेरे में

अयोध्या (Ayodhya) स्थित राम मंदिर (Ram Mandir) में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले की जांच कर रही एसआईटी (SIT) अब उन दानदाताओं तक पहुंच रही है, जिन्होंने मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारियों को सीधे आभूषण या अन्य बहुमूल्य वस्तुएं सौंपी थीं। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि दान की गई वस्तुएं कब और किसे सौंपी गईं, उनके बदले कोई रसीद जारी की गई थी या नहीं, और उनका आगे क्या हुआ।

हाल ही में एसआईटी ने मुंबई (Mumbai) के कारोबारी अनिल विश्वकर्मा के बयान दर्ज किए हैं। कारोबारी ने आरोप लगाया है कि उन्होंने रामलला को अर्पित करने के लिए चांदी का हार और चरण पादुका मंदिर से जुड़े एक कर्मचारी को सौंपी थी, लेकिन उन्हें इसकी कोई रसीद उपलब्ध नहीं कराई गई।

दान किए गए आभूषणों को लेकर उठे सवाल:

रोकड़िया हनुमान मंदिर के महंत आचार्य विनोद मिश्रा के अनुसार, जौनपुर (Jaunpur) के मुंगराबादशाहपुर क्षेत्र से जुड़े कारोबारी अनिल विश्वकर्मा ने रामलला के लिए विशेष रूप से तैयार चांदी का हार और चरण पादुका अर्पित करने का संकल्प लिया था। उन्होंने बताया कि परिवार ने धार्मिक भावना के साथ अयोध्या तक यात्रा की और पूजा-अर्चना के बाद इन वस्तुओं को रामलला के चरणों में समर्पित किया।

महंत के अनुसार, मंदिर परिसर में पहुंचने के बाद संबंधित कर्मचारी द्वारा इन वस्तुओं को अपने पास रख लिया गया। बाद में जब परिवार ने रसीद और अन्य जानकारी मांगी तो उन्हें विभिन्न कारण बताते हुए प्रतीक्षा करने को कहा गया।

रसीद नहीं मिलने का आरोप:

दानदाता पक्ष का कहना है कि उन्हें बताया गया था कि पहले आभूषणों की जांच की जाएगी और उसके बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने पर रसीद उपलब्ध करा दी जाएगी। हालांकि, काफी समय बीतने के बाद भी उन्हें कोई आधिकारिक दस्तावेज या सूचना प्राप्त नहीं हुई।

महंत विनोद मिश्रा का आरोप है कि बाद में उन्हें बताया गया कि इन आभूषणों को गलाकर अन्य उपयोग के लिए सुरक्षित कर लिया गया है। इस सूचना के बाद दानदाता परिवार ने निराशा और चिंता व्यक्त की है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

60 किलो चांदी दान करने वालों ने भी जताई चिंता:

इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (Indian Bullion and Jewellers Association) के नॉर्थ इंडिया हेड अनुराग रस्तोगी ने भी दान की गई चांदी को लेकर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, देशभर के सर्राफा कारोबारियों के सहयोग से करीब 60 किलो चांदी एकत्र कर विशेष चांदी की ईंटें तैयार की गई थीं, जिन्हें राम मंदिर निर्माण से जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों के लिए समर्पित किया गया था।

रस्तोगी का कहना है कि उस समय चांदी स्वीकार किए जाने की प्रक्रिया पूरी हुई थी और संबंधित रसीद भी प्रदान की गई थी। हालांकि, वर्तमान में उन वस्तुओं की स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है, जिससे दानदाताओं के बीच जिज्ञासा और चिंता बनी हुई है।

अन्य चांदी की वस्तुओं पर भी उठे प्रश्न:

अनुराग रस्तोगी के अनुसार, उन्होंने व्यक्तिगत स्तर पर भी चांदी के दीपक, कटोरे और अन्य धार्मिक सामग्री दान की थी। उनका कहना है कि मंदिर परिसर में पहले दिखाई देने वाली कुछ वस्तुएं अब नजर नहीं आतीं, जिससे उनके मन में सवाल पैदा हुए हैं।

उन्होंने बताया कि इन वस्तुओं को श्रद्धा और आस्था के साथ मंदिर को समर्पित किया गया था। ऐसे में दान की गई सामग्री के संबंध में स्पष्ट और पारदर्शी जानकारी सामने आना आवश्यक है।

एसआईटी जांच पर टिकी निगाहें:

राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी लगातार विभिन्न पक्षों से जानकारी जुटा रही है। जांच टीम दानदाताओं, मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोगों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज कर रही है। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट में दान की गई वस्तुओं, उनकी प्राप्ति प्रक्रिया और उनके प्रबंधन से जुड़े तथ्यों को शामिल किया जाएगा।

फिलहाल पूरे मामले में जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। ऐसे में सभी पक्षों के दावों और आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने तक प्रतीक्षारत है।

#Tags: #RamMandir #Ayodhya #SITInvestigation #DonationCase #Ramlala #TempleTrust #UttarPradesh

Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com

Related Post

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading