नई दिल्ली (New Delhi)। रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन और यात्रा से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है, जिसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ेगा। अब यदि कोई यात्री अपनी कन्फर्म टिकट ट्रेन (Train) छूटने से आठ घंटे से कम समय पहले रद्द करता है, तो उसे कोई रिफंड (Refund) नहीं मिलेगा। पहले यह सीमा चार घंटे थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर आठ घंटे कर दिया गया है। इसका उद्देश्य यात्रियों को अंतिम समय तक टिकट पकड़कर रखने की आदत से रोकना और यात्रा योजना को सरल बनाना है।
ट्रेन छूटने से आठ घंटे पहले रद्द करने पर कोई रिफंड नहीं:
रेलवे ने स्पष्ट किया कि यदि कोई यात्री ट्रेन (Train) छूटने से आठ घंटे पहले अपनी टिकट रद्द करता है, तो वह रिफंड के पात्र नहीं होंगे। इससे यात्रियों को अपनी यात्रा का फैसला पहले लेना होगा। साथ ही, रेलवे ने चार्ट तैयार करने के समय को भी चार घंटे से बढ़ाकर आठ घंटे पहले कर दिया है, जिससे यात्रियों को सीट उपलब्धता के बारे में पहले जानकारी मिल सकेगी और यात्रा योजना आसान हो जाएगी।
चरणबद्ध लागू होने वाले नए नियम:
नए नियम एक से 15 अप्रैल के दौरान चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw, Railway Minister) ने 52 हफ्तों में 52 सुधारों की कोशिशों के तहत मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह बदलाव रेलवे में पारदर्शिता बढ़ाने और खाली सीटों के बेहतर उपयोग के लिए किया गया है। उनका कहना था कि इस कदम से प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने के ज्यादा मौके मिलेंगे।
टिकट कालाबाजारी पर रोक:
इस बदलाव से टिकटों की कालाबाजारी (Ticket Black Marketing) पर भी प्रभाव पड़ेगा। कई बार एजेंट बड़ी संख्या में टिकट बुक कर लेते थे और जरूरत न होने पर आखिरी समय में कैंसिल करके पैसा वापस ले लेते थे, जिससे आम यात्रियों को कन्फर्म टिकट नहीं मिल पाता था। अब रिफंड पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि आपने टिकट (Ticket) कब रद्द किया।
रिफंड का पूरा और आंशिक विवरण:
- यदि कोई यात्री ट्रेन (Train) के प्रस्थान से 72 घंटे पहले टिकट रद्द करता है, तो उसे लगभग पूरा पैसा वापस मिलेगा, केवल एक तय शुल्क काटा जाएगा।
- ट्रेन (Train) के प्रस्थान से 72 घंटे से 24 घंटे पहले रद्द करने पर टिकट राशि का 25 प्रतिशत कटेगा।
- 24 घंटे से 8 घंटे के बीच टिकट रद्द कराने पर टिकट राशि का 50 प्रतिशत कटेगा।
- ट्रेन (Train) के प्रस्थान से आठ घंटे से कम समय में रद्दीकरण पर कोई रिफंड नहीं होगा।
पहले यह नियम 48 से 12 घंटे के बीच टिकट रद्द कराने पर 25 प्रतिशत कटौती और 48 घंटे से अधिक पहले रद्द करने पर पूरा रिफंड लागू होता था। नए बदलाव के बाद यात्रियों को अपनी योजना और यात्रा समय के अनुसार निर्णय लेने में आसानी होगी।
यात्रियों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं:
रेलवे ने यात्रियों को और अधिक सुविधा देने के लिए चार्ट तैयार करने का समय बढ़ाया है। इसके अलावा, यह बदलाव यात्रा की पारदर्शिता और सीटों के बेहतर उपयोग में मदद करेगा। नए नियमों से यात्रियों को टिकट बुकिंग और कैंसिलेशन के दौरान स्पष्टता मिलेगी और अप्रत्याशित परिस्थितियों में यात्रियों की योजना प्रभावित नहीं होगी।
निष्कर्ष:
रेलवे (Indian Railways) के नए नियम टिकट रद्दीकरण और सीट उपलब्धता में बदलाव लाते हुए यात्रियों के लिए सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे। यह कदम यात्रियों को योजना बनाने में मदद करेगा और टिकट कालाबाजारी को रोकने में सहायक होगा।
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