झोलाछाप की एक सुई बनी जिंदगी की आखिरी धड़कन…

रिपोर्टर : हसीन अंसारी

गाजीपुर (Ghazipur) जिले के रेवतीपुर (Revatipur) क्षेत्र में झोलाछाप चिकित्सक की लापरवाही ने एक नवविवाहिता की जान ले ली। रविवार को इलाज के दौरान 21 वर्षीय रूचि यादव की मौत हो गई, जिसके बाद पूरे गांव में मातम छा गया। घटना की सूचना पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और जांच शुरू कर दी है।

इलाज के दौरान बिगड़ी तबीयत:
जानकारी के अनुसार, मृतका रूचि यादव की शादी लगभग पांच माह पूर्व बलिया (Ballia) जनपद के अजोरपुर (Ajorpur) गांव में हुई थी। रविवार की शाम को रूचि को अचानक दांत में तेज दर्द होने लगा। इस पर उसका पति उपेंद्र यादव अपनी मां भागमनियां के साथ गांव के पश्चिमी हिस्से में स्थित एक निजी दंत चिकित्सक के पास उपचार कराने पहुंचा।

सुई लगते ही बिगड़ा हाल:
उपेंद्र यादव ने बताया कि झोलाछाप चिकित्सक ने उसकी पत्नी के हाथ की नस में सुई लगाई। सुई लगते ही रूचि को घबराहट महसूस होने लगी और कुछ ही क्षणों में वह बेहोश हो गई। परिजन तुरंत उसे रेवतीपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

गांव में पसरा सन्नाटा, परिजनों में कोहराम:
रूचि की मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में सन्नाटा छा गया। ससुराल पक्ष के लोगों ने मायके वालों को सूचना दी तो वहां भी कोहराम मच गया। मृतका के परिजन तुरंत रेवतीपुर के लिए रवाना हो गए और देर रात तक उनके पहुंचने की उम्मीद जताई गई। इस दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र को शोक में डूबो दिया है।

सीएचसी अधीक्षक ने दी जानकारी:
रेवतीपुर सीएचसी के अधीक्षक डॉक्टर अमर कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला दवा के रिएक्शन (Reaction) का प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के झोलाछाप चिकित्सकों पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी और अवैध रूप से क्लिनिक चलाने वालों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

पुलिस जांच में जुटी:
रेवतीपुर थाना प्रभारी निरीक्षक राजू दिवाकर ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि अभी तहरीर नहीं मिली है, प्राप्त होने पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

गांव में झोलाछाप चिकित्सकों पर आक्रोश:
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि क्षेत्र में कई झोलाछाप चिकित्सक बिना किसी डिग्री या लाइसेंस के खुलेआम इलाज कर रहे हैं। इस तरह की घटनाओं से लोगों की जान खतरे में पड़ रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे चिकित्सकों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

नवविवाहिता की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़:
मृतका के पति उपेंद्र यादव किसान हैं और उनके पिता भी खेती करते हैं। शादी के कुछ ही महीनों में पत्नी की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। घर में मातम का माहौल है और परिजन रूचि की याद में बेसुध हैं।

निष्कर्ष:
रेवतीपुर की यह घटना झोलाछाप चिकित्सकों की लापरवाही का ताजा उदाहरण है। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की जिम्मेदारी पर भी प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन कब तक ऐसे लोगों पर नकेल कसता है जो लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं।


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डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय संवाददाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

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