पंजाब (Punjab) के किसानों ने अपनी मांगों को लेकर चंडीगढ़ (Chandigarh)-मोहाली (Mohali) सीमा पर बड़ा मोर्चा लगा दिया है। पूरे पंजाब से हजारों की संख्या में ट्रैक्टर और ट्रॉलियां यहां पहुंच चुकी हैं। किसान नेताओं ने इसे भले ही सात दिन का मोर्चा बताया हो, लेकिन आंदोलन में शामिल किसान लंबी लड़ाई के लिए भी तैयार नजर आ रहे हैं। किसानों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन:
किसानों का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इसे लेकर किसानों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि मांगों के समाधान तक वे अपने आंदोलन से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
मोर्चे में पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से किसान ट्रैक्टर और ट्रॉलियों के साथ पहुंच रहे हैं। बड़ी संख्या में किसानों के जुटने के कारण सीमा क्षेत्र में आंदोलन का दायरा बढ़ता दिखाई दे रहा है।
लंबी लड़ाई की तैयारी में किसान:
किसान नेताओं की ओर से इस मोर्चे को सात दिन का बताया गया है, लेकिन आंदोलन में शामिल किसानों की तैयारियां लंबी लड़ाई के संकेत दे रही हैं। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर लगातार डटे रहने की बात कही है।
किसानों का स्पष्ट रुख है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इसी के चलते बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ किसान सीमा पर मौजूद हैं।
4 सितंबर को होगी अहम बैठक:
मोर्चे की ओर से 4 सितंबर को वरिष्ठ पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में आंदोलन से जुड़े आगे के कदमों पर चर्चा होने की बात कही गई है।
बैठक के बाद किसान आंदोलन को लेकर बड़ा एलान किया जा सकता है। ऐसे में 4 सितंबर की बैठक को आंदोलन की आगे की दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दूसरे हिस्से में भी बढ़ा किसानों का जमावड़ा:
किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ सड़क के एक हिस्से पर पहले ही डेरा डाल दिया था। अब सड़क के दूसरे हिस्से में भी किसानों की संख्या बढ़ने लगी है। इससे चंडीगढ़-मोहाली सीमा और आसपास के मार्गों पर आवाजाही प्रभावित होती दिखाई दी।
बुधवार को किसानों के बढ़ते जमावड़े के चलते मोहाली-चंडीगढ़ सीमा और आसपास के रास्तों पर जाम जैसे हालात बने रहे। बड़ी संख्या में किसानों और वाहनों की मौजूदगी के कारण क्षेत्र में यातायात पर असर पड़ा।
महापंचायत में सरकार के खिलाफ नारेबाजी:
आंदोलन के दौरान आयोजित महापंचायत में किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद करते हुए कहा कि वे अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखेंगे।
महापंचायत में किसानों के रुख से साफ है कि वे अपनी मांगों के समाधान को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। किसान नेताओं और प्रदर्शनकारियों की ओर से आंदोलन जारी रखने की बात कही गई है।
आंदोलन के अगले कदम पर नजर:
चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर किसानों का जमावड़ा लगातार बढ़ रहा है। एक ओर सात दिन के मोर्चे की बात कही गई है, वहीं दूसरी ओर किसान लंबी लड़ाई की तैयारी के साथ डटे हुए हैं।
अब 4 सितंबर को होने वाली वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक पर सभी की नजरें हैं। बैठक के बाद आंदोलन को लेकर क्या फैसला लिया जाता है और आगे की रणनीति क्या होगी, इसका एलान उसी के बाद होने की संभावना है।
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