सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स यानी सियाम (SIAM) के 66वें वार्षिक सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग की संभावनाओं और भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत का वाहन उद्योग अपनी मजबूत विनिर्माण क्षमता और हाल में हुए मुक्त व्यापार समझौतों के बल पर दुनिया के बाजारों में अपनी वैश्विक मौजूदगी बढ़ाने की मजबूत स्थिति में है। प्रधानमंत्री ने वाहन उद्योग में बदलती तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा, नवाचार और उन्नत विनिर्माण को भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।
मुक्त व्यापार समझौतों से बढ़ेगी वैश्विक पहुंच:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हाल में हुए मुक्त व्यापार समझौतों से भारतीय वाहनों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच आसान हुई है। इससे भारतीय वाहन उद्योग को वैश्विक स्तर पर अपनी मौजूदगी बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने बेहतर संपर्क व्यवस्था और कुशल माल परिवहन व्यवस्था का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री के अनुसार, इन व्यवस्थाओं में सुधार से विनिर्माण लागत कम हुई है। इसका असर भारतीय वाहनों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता पर पड़ रहा है और वाहन उद्योग देश की आर्थिक वृद्धि में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
नई पीढ़ी की गतिशीलता पर जोर:
प्रधानमंत्री ने ऑटोमोबाइल क्षेत्र में हो रहे बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि यह उद्योग ऊर्जा दक्षता, तकनीक और उन्नत विनिर्माण के कारण बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। वाहन क्षेत्र में नई तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ रहा है और भविष्य की गतिशीलता को ध्यान में रखते हुए उद्योग लगातार आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में हो रहे प्रयासों को भी महत्वपूर्ण बताया। देश में वाहन चार्जिंग ढांचे का तेजी से विस्तार होने से विद्युत वाहनों को अपनाने की गति बढ़ी है। इसके साथ ही नवाचार के लिए भी नए अवसर तैयार हुए हैं।
सियाम की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जैसे-जैसे भारत नई पीढ़ी की गतिशीलता की ओर आगे बढ़ रहा है, सियाम इस बदलाव को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सियाम देश की वाहन विनिर्माण क्षमताओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में उद्योग के साथ मिलकर काम करेगा। प्रधानमंत्री के मुताबिक, वाहन क्षेत्र में आने वाले बदलावों को आगे बढ़ाने के लिए उद्योग और संबंधित पक्षों के बीच सहयोग महत्वपूर्ण रहेगा।
सरकारी नीतियों से विनिर्माण को मिली ताकत:
सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने कई गैर-जरूरी कानूनों और अनुपालनों को समाप्त किया है, जिससे कारोबार के लिए माहौल को आसान बनाने में मदद मिली है।
प्रधानमंत्री ने उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना और मेक इन इंडिया जैसी पहलों का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, इन पहलों ने देश में वाहन विनिर्माण की क्षमताओं को नई मजबूती दी है।
नवाचार और उत्कृष्टता पर बढ़ा फोकस:
आगे की राह को लेकर प्रधानमंत्री ने वाहन उद्योग से लगातार नवाचार करने और उत्कृष्टता हासिल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ने के लिए देश को साहसिक रास्ता तैयार करना होगा। इस यात्रा में गतिशीलता क्षेत्र के सामने बड़े बदलाव और महत्वपूर्ण वृद्धि के अवसर मौजूद होंगे।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, इन प्रयासों से परिवहन को राष्ट्रीय विकास के प्रमुख स्तंभ के रूप में और मजबूत करने में मदद मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयास और सहयोग भारत को तेज, हरित और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।
उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि उद्योग और सरकार के साझा प्रयास देश के गतिशीलता तंत्र के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। इस दिशा में नवाचार, तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा और मजबूत विनिर्माण क्षमता को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
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