पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रेम प्रकाश (Prem Prakash) ने सोमवार शाम भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party-BJP) छोड़कर सांसद चंद्रशेखर (Chandrashekhar) की आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) (Azad Samaj Party-Kanshi Ram) की सदस्यता ग्रहण कर ली। पार्टी में शामिल होने के साथ ही उन्होंने वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) विधानसभा चुनाव लड़ने का भी ऐलान किया। उनके इस फैसले को प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
भाजपा छोड़ आजाद समाज पार्टी में हुए शामिल:
प्रेम प्रकाश ने सोमवार शाम आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की सदस्यता ग्रहण की। पार्टी में शामिल होने के बाद उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही। इससे पहले वह वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। उस समय उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक (Brajesh Pathak) और तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी (Bhupendra Chaudhary) ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। हालांकि, भाजपा में उनकी सक्रिय राजनीतिक भूमिका सीमित रही।
सेवानिवृत्ति के बाद राजनीति में बढ़ाई सक्रियता:
प्रेम प्रकाश 31 दिसंबर 2022 को प्रयागराज (Prayagraj) में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (Additional Director General-ADG) के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के कुछ महीने बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति का रुख किया और बाद में भाजपा से जुड़ गए। अब उन्होंने भाजपा छोड़कर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के साथ नई राजनीतिक पारी शुरू करने का निर्णय लिया है।
पुलिस सेवा का लंबा अनुभव:
दिल्ली (Delhi) निवासी प्रेम प्रकाश वर्ष 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे हैं। उन्होंने बीटेक की पढ़ाई करने के बाद पुलिस मैनेजमेंट में एमडी (Master in Diploma) का कोर्स भी किया। अपने लंबे प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान उन्होंने मेरठ (Meerut), आगरा (Agra), मुरादाबाद (Moradabad), कानपुर (Kanpur), लखनऊ (Lucknow) और प्रयागराज (Prayagraj) सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों पर जिम्मेदार पदों पर कार्य किया। 12 जुलाई 2009 को उन्होंने लखनऊ में डीआईजी/एसएसपी (DIG/SSP) का कार्यभार भी संभाला था।
कानून-व्यवस्था और अभियानों में निभाई अहम भूमिका:
कानपुर जोन (Kanpur Zone) में तैनाती के दौरान प्रेम प्रकाश के नेतृत्व में लगभग 67 पुलिस मुठभेड़ों का संचालन किया गया था। इसके अलावा मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) को पंजाब (Punjab) की रोपड़ जेल (Ropar Jail) से उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की बांदा जेल (Banda Jail) लाने की प्रक्रिया में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। प्रयागराज में एडीजी रहते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण कानून-व्यवस्था संबंधी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर रहे चर्चित:
वर्ष 2019 में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और एनआरसी (NRC) के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान कानपुर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी उनकी भूमिका रही। अपने प्रशासनिक कार्यकाल में अपराध नियंत्रण को लेकर अपनाई गई सख्त कार्यशैली के कारण उन्हें ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ के रूप में भी जाना जाता रहा। वहीं, विभिन्न राजनीतिक दौर में उनकी अलग-अलग महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती भी चर्चा का विषय रही।
2027 चुनाव पर रहेगी नजर:
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) में शामिल होने के बाद प्रेम प्रकाश ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की है। ऐसे में आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनकी नई भूमिका पर राजनीतिक दलों और लोगों की नजर रहेगी।
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