लखीमपुर खीरी: न्याय न मिलने से परेशान दलित मजदूर पत्नी संग पेट्रोल लेकर पहुंचा कलेक्ट्रेट, परिसर में मचा हड़कंप

लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) के कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब निघासन थाना क्षेत्र के रघुवर नगर निवासी दलित मजदूर जमुना प्रसाद अपनी पत्नी ममता और करीब एक दर्जन ग्रामीणों के साथ पेट्रोल लेकर पहुंच गया। सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता के चलते समय रहते पेट्रोल कब्जे में ले लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी और गहमागहमी का माहौल बना रहा।

A group of people, including police officers, gathered under trees in an outdoor setting, with some individuals appearing to be in conversation while others are standing in line.

पीड़ित परिवार का आरोप है कि निघासन पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने से परिवार मानसिक रूप से परेशान था। इसी नाराजगी के चलते पीड़ित अपने समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचा था।

सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता से टली बड़ी घटना:
कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश के दौरान सुरक्षा जांच की जा रही थी। इसी दौरान सुरक्षाकर्मियों को जमुना प्रसाद के पास पेट्रोल होने की जानकारी मिली। सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल पेट्रोल को अपने कब्जे में ले लिया और मामले की सूचना अधिकारियों को दी। समय रहते कार्रवाई होने से संभावित बड़ी घटना टल गई।

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों में हलचल मच गई। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक टीम ने पीड़ित परिवार को शांत कराया और बाद में जिलाधिकारी के समक्ष पेश किया गया।

पुलिस और राजस्व अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप:
जिलाधिकारी के सामने पेश होने के दौरान जमुना प्रसाद ने थाना प्रभारी निघासन और कानूनगो देशराज पर गंभीर आरोप लगाए। पीड़ित का कहना है कि अधिकारियों द्वारा उन्हें जातिसूचक गालियां दी गईं और लगातार अपमानित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्याओं पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

पीड़ित परिवार ने यह भी कहा कि उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है और लगातार दबाव बनाया जा रहा है। आरोपों के चलते मौके पर मौजूद अधिकारी भी मामले को गंभीरता से लेते दिखाई दिए।

पुत्र की हत्या का मुकदमा बना विवाद की वजह:
जमुना प्रसाद ने बताया कि उसके पुत्र की हत्या का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। परिवार का आरोप है कि विपक्षी पक्ष लगातार मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहा है। पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने मुकदमा वापस लेने से इनकार किया तो उन्हें प्रताड़ित किया जाने लगा।

परिवार ने अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण पूरा परिवार भय के माहौल में जी रहा है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की।

एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग:
पीड़ित परिवार ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की अपील की।

घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में काफी देर तक लोगों की भीड़ जुटी रही। प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। फिलहाल पूरे मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन सतर्क नजर आ रहा है।

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रिपोर्टर: हर्ष गुप्ता

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