दोस्ती, धोखा और मौत: BJP नेता के हत्याकांड का खौफनाक राज़!
प्रयागराज के बीजेपी नेता रणधीर यादव की हत्या का मामला अविश्वास और बदले की दिल दहला देने वाली कहानी है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि रणधीर का अफेयर उसके दोस्त डॉ. उदय यादव की पत्नी अंजली से था। दो महीने पहले नैनीताल में उदय ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया और उसी दिन बदला लेने का फैसला कर लिया। 11 जुलाई को अंजली की संदिग्ध मौत हुई, जिसे अब पुलिस हत्या मानकर दोबारा जांच कर रही है।
22 अगस्त को उदय और उसके साथी राम सिंह ने रणधीर को पार्टी के बहाने बुलाया, शराब पिलाई और नशे में उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। बाद में शव को बमरौली रेलवे ट्रैक पर रख दिया, ताकि ट्रेन के नीचे आकर टुकड़े-टुकड़े हो जाए और पहचान मिट जाए। रणधीर की लावारिस स्कॉर्पियो चित्रकूट से मिली। पुलिस ने राम सिंह को गिरफ्तार किया है, जबकि उदय और अन्य आरोपी फरार हैं। यह केस दोस्ती, धोखे और शक के खौफनाक अंजाम की मिसाल बन गया है।

प्रयागराज में गुमशुदगी से हत्या तक
प्रयागराज से बीजेपी नेता और पूर्व जिला पंचायत सदस्य रणधीर यादव की हत्या का मामला जितना दर्दनाक है, उतना ही चौंकाने वाला भी। 22 अगस्त की शाम रणधीर यादव अचानक लापता हो गए थे। दो दिन बाद उनकी स्कॉर्पियो चित्रकूट के जंगलों में लावारिस हालत में मिली। लेकिन असली सनसनी तब फैली जब पुलिस ने इस हत्या की गुत्थी सुलझानी शुरू की।
जांच में सामने आया कि रणधीर की हत्या उनके ही पुराने दोस्त डॉ. उदय यादव ने की। वजह थी – शक और अविश्वास। उदय को शक था कि उसकी पत्नी अंजली का अफेयर रणधीर से चल रहा है। इसी शक ने पहले अंजली की जान ली और फिर रणधीर की।
नैनीताल से शुरू हुई खून की कहानी
करीब दो महीने पहले उदय अपनी पत्नी अंजली और दोस्त रणधीर के साथ नैनीताल घूमने गया था। अंजली के कहने पर होटल में तीनों के लिए एक ही कमरा बुक किया गया। वहीं पर उदय ने अपनी आंखों से पत्नी और दोस्त को आपत्तिजनक हालत में देख लिया। उसी पल उसने तय कर लिया कि रणधीर को मौत के घाट उतार देगा।
नैनीताल से लौटने के बाद अंजली मायके चली गई। लेकिन उसका रणधीर से संपर्क बना रहा। यह बात उदय को नागवार गुजरी। धीरे-धीरे बदले की आग इतनी भड़क गई कि उसने अपनी पत्नी और दोस्त – दोनों को खत्म करने की योजना बना डाली।
अंजली की संदिग्ध मौत
11 जुलाई 2025 को अंजली यादव अपने मायके उमरपुर नींवा धूमनगंज में मृत मिली। शव का पोस्टमार्टम तक नहीं हुआ। परिवारवालों ने जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस ने तब इसे गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन अब जांच में सामने आया है कि अंजली की मौत जहरीला पदार्थ खाने से हुई थी। शक है कि खुद पति उदय ने ही इस हत्या को अंजाम दिया।

रणधीर की हत्या की खौफनाक साजिश
22 अगस्त की शाम राम सिंह और उदय ने रणधीर को पार्टी के बहाने बुलाया। कहा गया कि चित्रकूट चलकर शराब पार्टी करनी है, वहां सब इंतजाम हैं। रणधीर को शक न हो, इसके लिए रास्ते में मिठाई, नमकीन और शराब खरीदी गई।
- स्कॉर्पियो में बैठकर सभी ने शराब पीना शुरू किया।
- उदय जानबूझकर रणधीर को ज्यादा पैग बनाकर देता रहा।
- जब रणधीर को नशे में खतरे का एहसास हुआ, तो उसने चित्रकूट जाने से इंकार कर दिया।
- इसी बीच उदय ने लोहे की रॉड से रणधीर के सिर पर हमला कर दिया।
- फिर राम सिंह और उदय ने मिलकर उसका गला घोंट दिया।
दो मिनट की तड़प के बाद रणधीर की सांसें थम गईं।
शव को पटरी पर फेंकने की साजिश
हत्या के बाद आरोपी शव को लेकर स्कॉर्पियो दौड़ाते रहे। रास्ते भर शराब पीते रहे और लाश पर गुस्सा उतारते रहे। रात करीब 11.45 बजे वे बमरौली रेलवे स्टेशन के आउटर पर पहुंचे।
- रणधीर की लाश को रेलवे ट्रैक पर डाल दिया गया।
- आरोपी चाहते थे कि ट्रेन के नीचे आकर शव टुकड़े-टुकड़े हो जाए ताकि पहचान मिट जाए।
- जैसे ही डिब्रूगढ़ राजधानी गुजरी, शव के कई हिस्से बिखर गए।
- इसके बाद भी उदय का गुस्सा शांत नहीं हुआ। वह बार-बार शव के टुकड़ों को पटरी पर रखता रहा, ताकि अगली ट्रेनों से वह पूरी तरह नष्ट हो जाए।
हत्या के बाद की चालाकी
हत्या के बाद आरोपी चित्रकूट पहुंचे। योजना थी कि रणधीर की स्कॉर्पियो को जंगल में जला देंगे, ताकि सबूत न बचे। लेकिन पहाड़ी रास्ते पर गाड़ी फंस गई। मजबूरी में गाड़ी को वहीं छोड़कर वे दूसरी स्कॉर्पियो से प्रयागराज लौट आए।
दोस्ती से दुश्मनी तक
जांच में खुलासा हुआ कि रणधीर और उदय पिछले पांच सालों से गहरे दोस्त थे। लेकिन दोस्ती की दीवार तब ढह गई जब रणधीर का अफेयर उदय की पत्नी अंजली से हो गया।
- सोशल मीडिया पर भी उनके रिश्ते की चर्चा होने लगी थी।
- समाज में बदनामी और शर्मिंदगी ने उदय को और उकसाया।
- उसने अपने चचेरे भाई विजय यादव, सास लीला यादव और दोस्त राम सिंह को साजिश में शामिल किया।
पुलिस की जांच और खुलासे
रणधीर यादव की पत्नी बबली यादव ने अपहरण की FIR दर्ज कराई थी। उसमें राम सिंह और डॉ. उदय का नाम लिया गया।
- पुलिस ने राम सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।
- पूछताछ में उसने पूरी हत्या की कहानी कबूल की।
- राम सिंह के मुताबिक उदय को लगता था कि रणधीर ने उसकी दोस्ती और भरोसे के साथ धोखा किया।
- उदय ने धमकी भी सुनी थी कि रणधीर उसे नहीं छोड़ेगा। इसी कारण हत्या का फैसला पक्का हो गया।
अब तक की कार्रवाई
- पुलिस की तीन टीमें फरार आरोपियों की तलाश में लगी हैं।
- उदय की आखिरी लोकेशन चित्रकूट में मिली थी, लेकिन मोबाइल अब ट्रेस नहीं हो रहा।
- उदय के रिश्तेदारों और दोस्तों से पूछताछ जारी है।
- राम सिंह के बयान के आधार पर अंजली की मौत को भी अब हत्या मानकर केस दोबारा खोला जा रहा है।
कौन थे रणधीर यादव?
- रणधीर यादव मोहम्मदपुर हथिगहां के रहने वाले थे।
- वे प्रयागराज से पूर्व जिला पंचायत सदस्य और भाजपा नेता थे।
- उनके पिता राम अभिलाष यादव सूबेदार रह चुके हैं।
- पत्नी बबली यादव मौजूदा जिला पंचायत सदस्य हैं।
- इलाके में उनका अच्छा प्रभाव और पकड़ थी।
केस से उठे बड़े सवाल
यह पूरा मामला न केवल एक प्रेम त्रिकोण और शक की कहानी है, बल्कि यह दिखाता है कि बदले की आग इंसान को किस हद तक ले जा सकती है।
- क्या अंजली की मौत को समय पर गंभीरता से लिया जाता तो रणधीर की जान बच सकती थी?
- क्या समाज में बदनामी का डर वाकई हत्या जैसी सोच को जन्म दे सकता है?
- आखिर दोस्ती के रिश्ते इतने गहरे से इतनी बड़ी दुश्मनी में कैसे बदल गए?
रणधीर यादव की हत्या केवल एक अपराध की कहानी नहीं, बल्कि इंसानी रिश्तों में अविश्वास और शक के खतरनाक अंजाम की मिसाल है। प्रयागराज पुलिस अब इस केस को सुलझाने और फरार आरोपियों को पकड़ने में जुटी है। पर जिस बेरहमी से इस हत्या को अंजाम दिया गया, उसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है।