ट्रंप के हाथों कैसे कठपुतली बना पाकिस्तान?…निकले थे नायक बनने, बन गए पिछलग्गू


पश्चिम एशिया (West Asia) में एक महीने से अधिक समय से जारी संघर्ष के बीच अमेरिका (United States) और ईरान (Iran) के बीच दो हफ्तों के युद्धविराम की घोषणा हुई। इस घटनाक्रम में पाकिस्तान (Pakistan) का नाम चर्चा में रहा, जहां उसने खुद को शांति का मध्यस्थ बताने की कोशिश की। हालांकि सामने आई रिपोर्टों में इस भूमिका को लेकर अलग तस्वीर सामने आई है, जिसमें पाकिस्तान की सक्रियता पर सवाल उठाए गए हैं।

रिपोर्ट में पाकिस्तान की भूमिका पर खुलासा:
फाइनेंशियल टाइम्स (Financial Times) की रिपोर्ट के अनुसार, इस युद्धविराम में पाकिस्तान (Pakistan) किसी तटस्थ पक्ष की तरह नहीं बल्कि अमेरिका (United States) के संदेशवाहक के रूप में सामने आया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि व्हाइट हाउस (White House) ने पाकिस्तान का उपयोग केवल प्रस्ताव पहुंचाने के लिए किया, जिससे उसकी स्वतंत्र कूटनीतिक भूमिका सीमित दिखाई दी।

शहबाज शरीफ की भूमिका पर चर्चा:
पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) ने सार्वजनिक रूप से दो हफ्तों के युद्धविराम का सुझाव दिया, लेकिन रिपोर्ट में उन्हें केवल दर्शक की भूमिका में बताया गया है। दूसरी ओर पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर (Asim Munir) ने अमेरिका (United States) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump), उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ (Steve Witkoff) से बातचीत की।

सोशल मीडिया पोस्ट से उठा विवाद:
इस घटनाक्रम के दौरान शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) की एक सोशल मीडिया पोस्ट भी चर्चा का विषय बनी। युद्धविराम से संबंधित पोस्ट में ‘ड्राफ्ट-पाकिस्तांस पीएम मैसेज फॉर एक्स’ जैसे शब्द शामिल हो गए, जिससे यह संकेत मिला कि यह संदेश पहले से तैयार किया गया था। हालांकि बाद में पोस्ट को संशोधित कर दिया गया, लेकिन तब तक इसके स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर फैल चुके थे।

लेबनान को लेकर दावे पर असहमति:
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि पाकिस्तान (Pakistan) ने लेबनान (Lebanon) को युद्धविराम में शामिल बताया था, लेकिन इस दावे को अमेरिका (United States) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और इस्राइल (Israel) के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने खारिज कर दिया। इसके बाद इस्राइल (Israel) द्वारा हिजबुल्ला के खिलाफ हमले जारी रहे।

आगे की वार्ता पर नजर:
अमेरिका (United States) और ईरान (Iran) के बीच सीधी बातचीत इस सप्ताहांत इस्लामाबाद (Islamabad) में होने की संभावना है। इसमें अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जेडी वेंस (JD Vance) करेंगे, जबकि ईरानी पक्ष का नेतृत्व संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालीबाफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) करेंगे। इस बैठक में दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव को कम करने और समाधान निकालने पर चर्चा होने की उम्मीद है।

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