लखनऊ | कथित रेप पीड़िता आत्मदाह मामला में लखनऊ हाईकोर्ट से पूर्व सांसद अतुल राय को जमानत मिल गयी है, उनके ऊपर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप था। यह आदेश लखनऊ हाईकोर्ट की एकल पीठ के न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह ने यह आदेश दिया।
जानकारी के अनुसार इस मामले में अतुल राय और पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर पर गंभीर आरोप लगे थे। दोनों पर कथित रेप पीड़िता और उसके साथी को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप था। पीड़िता ने पहले अतुल राय के खिलाफ दुराचार की एफआईआर दर्ज भी कराई थी लेकिन दुराचार के मामले में अतुल राय को बरी कर दिया गया। अब आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में भी उन्हें जमानत मिल गई है।
इससे पहले अतुल राय 2 फ़रवरी 2024 को नैनी जेल से रिहा हुए थे वह 2019 से ही जेल में थे, उस समय इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने घोसी के सांसद अतुल राय को मेडिकल आधार पर 2 लाख के व्यक्तिगत बंध पत्र पर 22 मार्च तक अंतरिम जमानत दी है। जस्टिस मोहम्मद फैज आलम खान की बेंच ने अपने आदेश में कहा था कि अतुल राय के संबंध में प्राप्त मेडिकल रिपोर्ट से स्पष्ट है कि वे एक लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार हैं। कोर्ट में अपने आदेश में अतुल राय को किसी भी प्रकार के पब्लिक कार्यक्रम में भाग नहीं लेने, अपने सह अभियुक्त अमिताभ ठाकुर से नहीं मिलने, मीडिया में कोई इंटरव्यू नहीं देने तथा गवाहों को किसी भी प्रकार से नहीं धमकाने के आदेश दिए था। साथ ही कोर्ट ने उन्हें इंस्पेक्टर हजरतगंज को अपना मोबाइल नंबर देने तथा निरंतर उपलब्ध रहने का निर्देश भी दिया था।

लेकिन 3 महीने का वक़्त भी नहीं बिता कि अतुल राय ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि जमनत तोड़कर उन्हें जेल भेज दिया जाए, खबर के अनुसार अतुल राय ने मुख्तार अंसारी से अपनी जान को खतरा बताया था और कोर्ट से जमानत तोड़ खुद को जेल भेजने की प्रार्थना की थी, इस पर अदालत ने प्रार्थना पत्र स्वीकार कर अतुल राय को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। अब उन्हें कथित रेप पीड़िता मामले में जमानत मिल गयी है।
क्या है अतुल राय और कथित रेप पीड़िता की कहानी? पूरी कहानी आप हमारे विशेष डोक्यूमेंटरी में देख सकते हैं, जिसका लिंक यहाँ दिया जा रहा है : –