कांग्रेस का केंद्र सरकार पर बड़ा हमला: अमेरिकी नागरिक पर यूएपीए क्यों नहीं? जयराम रमेश ने पूछा- किसके दबाव में झुकी मोदी सरकार?
म्यांमार में सशस्त्र समूहों को प्रशिक्षण देने के आरोप में गिरफ्तार अमेरिकी नागरिक Matthew Aaron VanDyke (मैथ्यू एरॉन वैनडाइक) और छह यूक्रेनी नागरिकों के खिलाफ National Investigation Agency (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) की ओर से दाखिल आरोपपत्र में UAPA की धाराएं नहीं लगाए जाने को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Jairam Ramesh (जयराम रमेश) ने आरोपपत्र का हवाला देते हुए पूछा कि क्या आतंकवाद से जुड़े आरोप हटाने के लिए जांच एजेंसी पर किसी तरह का दबाव डाला गया था।
मामला म्यांमार में जातीय सशस्त्र समूहों को प्रशिक्षण, हथियार और आतंकवादी गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले उपकरण उपलब्ध कराने के आरोपों से जुड़ा है। शुरुआत में मामला UAPA के तहत दर्ज किया गया था, लेकिन अब दाखिल आरोपपत्र में इसकी धाराएं नहीं लगाई गई हैं। इसी को लेकर कांग्रेस ने सरकार से सवाल पूछे हैं।
जयराम रमेश ने अमेरिकी दबाव पर उठाया सवाल:
Jairam Ramesh ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए National Investigation Agency के फैसले पर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि क्या एजेंसी का फैसला निष्पक्ष और सही जांच का परिणाम है या फिर अमेरिकी अधिकारियों के कहने पर केंद्र सरकार के दबाव में यह कदम उठाया गया।
उन्होंने सवाल किया कि अमेरिकी नागरिक Matthew VanDyke के खिलाफ आतंकवाद से जुड़े आरोप जांच के बाद हटाए गए या अमेरिकी अधिकारियों के कहने पर सरकार ने तुरंत ऐसा करने के लिए दबाव डाला। उन्होंने यह भी सवाल किया कि इसके बदले भारत को क्या फायदा मिलने की उम्मीद है। जयराम रमेश ने इस पूरे घटनाक्रम को दादागिरी जैसा बताया।
परिवार ने तिहाड़ जेल से रिहाई की मांग की:
इससे पहले 2 सितंबर को Matthew VanDyke के परिवार की ओर से चलाए जा रहे एक एक्स खाते से अमेरिकी सरकार से उनकी रिहाई के लिए राजनयिक हस्तक्षेप की अपील की गई थी। परिवार ने उन्हें बेगुनाह बताते हुए दावा किया था कि उन्हें कैदियों के बुनियादी अधिकार नहीं मिल रहे हैं।
परिवार की ओर से कहा गया था कि Matthew VanDyke को Delhi (दिल्ली) स्थित Tihar Jail (तिहाड़ जेल) की जेल संख्या 8/9 में अकेले रखा गया है। परिवार ने उन पर लगाए गए सभी आरोपों को झूठा बताया और कहा कि उन्होंने अपने करियर के दौरान मानवीय तकलीफों को दर्ज किया तथा संघर्ष और संकट से प्रभावित लोगों तक मानवीय मदद पहुंचाई है।
सात आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुआ आरोपपत्र:
मंगलवार को National Investigation Agency ने मार्च 2026 में दर्ज मामले में छह यूक्रेनी नागरिकों और अमेरिकी नागरिक Matthew VanDyke के खिलाफ Rouse Avenue Court (राउज एवेन्यू अदालत) में आरोपपत्र दाखिल किया। यह मामला शुरुआत में UAPA के तहत दर्ज किया गया था।
हालांकि, एजेंसी की ओर से दाखिल मौजूदा आरोपपत्र में UAPA की धाराओं का इस्तेमाल नहीं किया गया है। इसके बजाय विदेशियों से संबंधित कानून की धारा 21 और 23 लगाई गई है। ये ऐसे अपराध हैं, जिन्हें विदेशियों के क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय के स्तर पर समझौते के जरिए निपटाए जाने की गुंजाइश बताई गई है।
आरोपपत्र Special NIA Judge Prashant Sharma (विशेष एनआईए न्यायाधीश प्रशांत शर्मा) के सामने दाखिल किया गया। अदालत ने मामले पर विचार के लिए 1 अक्टूबर की तारीख तय की है।
एनआईए ने पूरक आरोपपत्र की संभावना बताई:
मामले में National Investigation Agency के विशेष लोक अभियोजक ने कहा कि जांच अभी जारी है। उनके मुताबिक, यदि जांच के दौरान UAPA के तहत कोई अपराध बनता है तो एजेंसी की ओर से पूरक आरोपपत्र दाखिल किया जा सकता है।
इस बयान के बाद फिलहाल मामले की जांच जारी रहने की बात सामने आई है। मौजूदा आरोपपत्र में UAPA की धाराएं नहीं लगाई गई हैं, जबकि आगे की जांच के आधार पर पूरक आरोपपत्र दाखिल किए जाने की संभावना बताई गई है।
सातों आरोपियों पर प्रशिक्षण देने का आरोप:
जांच एजेंसी के अनुसार, सातों आरोपियों को म्यांमार में ऐसे जातीय सशस्त्र समूहों को प्रशिक्षण देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें कथित तौर पर भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना गया था।
आरोपियों में अमेरिकी नागरिक Matthew Aaron VanDyke के अलावा यूक्रेन के छह नागरिक शामिल हैं। इन पर म्यांमार में जातीय सशस्त्र समूहों को हथियार और आतंकवादी गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले उपकरण उपलब्ध कराने तथा प्रशिक्षण देने में शामिल होने का आरोप लगाया गया था।
कौन-कौन हैं सात आरोपी:
National Investigation Agency ने Matthew Aaron VanDyke के साथ यूक्रेन के छह नागरिकों Herba Petro (हर्बा पेट्रो), Slyviak Taras (स्लीवियाक तारास), Ivan Sukmanovsky (इवान सुकमनोव्स्की), Stefankiv Marian (स्टेफनकिव मारियन), Honcharuk Maksym (होंचारुक मक्सिम) और Kaminsky Viktor (कामिन्स्की विक्टर) को गिरफ्तार किया था।
खुद को युद्धक विशेषज्ञ बताने वाले और सुरक्षा कंपनी Sons of Liberty International (सन्स ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल) के संस्थापक Matthew VanDyke को 13 मार्च की रात करीब 9 बजे Netaji Subhas Chandra Bose International Airport (नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे) पर समन्वित कार्रवाई के तहत गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी गई है।
हथियार और प्रशिक्षण देने के आरोप में हुई थी कार्रवाई:
मामले में आरोप है कि आरोपी म्यांमार में जातीय सशस्त्र समूहों को हथियार और आतंकवादी गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले उपकरण उपलब्ध कराने के साथ उन्हें प्रशिक्षण देने में शामिल थे। इसी आधार पर UAPA की धारा 18 यानी आतंकवादी साजिश और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को 17 मार्च को 11 दिनों की National Investigation Agency हिरासत में भेजा गया था। मामले की उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद आरोपी करीब 180 दिनों तक हिरासत में रहे।
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