गोरखपुर यूनिवर्सिटी (गोरखपुर विश्वविद्यालय) में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच मंगलवार को तनाव की स्थिति बन गई। छात्रों से बातचीत करने पहुंचे असिस्टेंट प्रॉक्टर वेद प्रकाश राय के साथ कथित तौर पर अभद्रता और धक्का-मुक्की के बाद पुलिस ने उन्हें छात्रों के बीच से बाहर निकाला। इसी दौरान विश्वविद्यालय पुलिस चौकी प्रभारी अविरल मिश्रा छात्रों पर नाराज होते दिखाई दिए। उनका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह पुलिस बल बुलाने और आंदोलन समाप्त कराने की बात कहते नजर आ रहे हैं।
छात्र 5 सितंबर से अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इससे पहले 25 अगस्त से करीब 20 छात्र विश्वविद्यालय परिसर में धरना दे रहे हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को लेकर लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
25 अगस्त से जारी है छात्रों का धरना:
दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी (दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय) में 25 अगस्त से 20 छात्र धरने पर बैठे हैं। इसके बाद 5 सितंबर से छात्रों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। प्रदर्शनकारी छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन से कुल छह मांगों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं। इन मांगों में निलंबित छात्रों का निलंबन वापस लेने से लेकर छात्रसंघ चुनाव कराने और विश्वविद्यालय की विभिन्न व्यवस्थाओं की जांच कराने की मांग शामिल है।
छात्रों का आरोप है कि करीब दो साल पहले तीन छात्रों को निलंबित किया गया था। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय की नीतियों और छात्र समस्याओं के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई की गई थी। छात्र अब इन तीनों छात्रों का निलंबन वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
छात्रसंघ चुनाव और छात्रावास सुविधाओं की मांग:
प्रदर्शन कर रहे छात्रों की दूसरी प्रमुख मांग छात्रसंघ चुनाव से जुड़ी है। छात्रों का कहना है कि लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं, जबकि उनसे छात्रसंघ शुल्क लिया जा रहा है। ऐसे में दोबारा छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग की जा रही है।
इसके अलावा छात्रों ने छात्रावासों में मेस और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि छात्रावास में रहने वाले छात्रों को गुणवत्तापूर्ण भोजन और आवश्यक सुविधाएं मिलनी चाहिए।
पीएम-उषा योजना और परीक्षा एजेंसी की जांच की मांग:
छात्रों ने पीएम-उषा योजना के तहत विश्वविद्यालय में कराए जा रहे कार्यों और उनके आवंटन की प्रक्रिया की जांच की मांग भी की है। इसके साथ ही छात्रों ने परीक्षा एजेंसी पर डिग्री और अंकपत्र के नाम पर पैसे मांगने का आरोप लगाया है। छात्रों की मांग है कि इस मामले की जांच कराई जाए और यदि कोई अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने पेड़ों की कटाई का मुद्दा भी उठाया है। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय ने वन विभाग से 1,200 पेड़ काटने की अनुमति ली थी, लेकिन इसकी आड़ में 3 हजार से अधिक पेड़ काट दिए गए। छात्रों ने पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने की मांग की है।
बातचीत के दौरान बढ़ा विवाद, धक्का-मुक्की की स्थिति:
मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे आंदोलन को समाप्त कराने और छात्रों से बातचीत करने के लिए असिस्टेंट प्रॉक्टर वेद प्रकाश राय अन्य प्रोफेसरों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्र नेता सतीश प्रजापति और उज्ज्वल सिंह से बातचीत की। बताया गया कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की मांगों पर विचार कर रहा है और उनसे धरना समाप्त करने की अपील की गई।
छात्र नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। इसी दौरान छात्रों और प्रोफेसर के बीच कहासुनी शुरू हो गई। वहां मौजूद अन्य छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ ही देर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
मौके पर पुलिस और विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मी पहुंच गए। पुलिस ने छात्रों के बीच घिरे असिस्टेंट प्रॉक्टर को बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस ने छात्रों को शांत कराया। करीब एक घंटे तक हंगामा चलता रहा। स्थिति शांत होने के बाद छात्र फिर से प्रशासनिक भवन के बाहर धरने पर बैठ गए।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस पर उठे सवाल:
हंगामे के दौरान विश्वविद्यालय पुलिस चौकी प्रभारी अविरल मिश्रा भी मौके पर मौजूद थे। सामने आए वीडियो में वह छात्रों को पुलिस बल बुलाने की बात कहते नजर आ रहे हैं। वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि इतनी पुलिस फोर्स मंगाई जाएगी कि छात्रों को शांत कर दिया जाएगा। वह प्रदर्शन को शांतिपूर्ण आंदोलन नहीं बताते हुए छात्रों के व्यवहार पर भी सवाल उठाते दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो सामने आने के बाद गोरखपुर पुलिस की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। पूरे घटनाक्रम को लेकर छात्रों के प्रदर्शन, असिस्टेंट प्रॉक्टर से हुई कथित धक्का-मुक्की और पुलिस की मौजूदगी में हुए हंगामे को लेकर मामला चर्चा में है।
चौकी प्रभारी अविरल मिश्रा की तैनाती:
अविरल मिश्रा रायबरेली के रहने वाले बताए गए हैं। वह 2023 बैच के दरोगा हैं। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उनकी पहली तैनाती गोरखपुर में हुई थी। इसके बाद वह अलग-अलग थानों में तैनात रहे। पिछले महीने ही उन्हें गोरखपुर यूनिवर्सिटी पुलिस चौकी के प्रभारी की जिम्मेदारी मिली है।
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