सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को लोकगायिका नेहा सिंह राठौर (Neha Singh Rathore) की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद गाए गए एक गीत को लेकर उनके खिलाफ दर्ज मामलों में यह राहत दी गई है। इस गीत के सामने आने के बाद वाराणसी (Varanasi) और लखनऊ (Lucknow) में उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई थीं। अदालत के आदेश के बाद फिलहाल नेहा सिंह राठौर के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
गाने के बाद बढ़ा विवाद:
पहलगाम आतंकी हमले के बाद नेहा सिंह राठौर (Neha Singh Rathore) द्वारा गाया गया गीत सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। गीत के बोलों को लेकर आपत्ति जताई गई और आरोप लगाए गए कि इससे कुछ वर्गों की भावनाएं आहत हुई हैं। इसी क्रम में वाराणसी (Varanasi) और लखनऊ (Lucknow) में अलग-अलग शिकायतों के आधार पर एफआईआर दर्ज की गईं। इसके बाद मामला राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया।
हजरतगंज कोतवाली में नोटिस:
लखनऊ (Lucknow) की हजरतगंज कोतवाली पुलिस ने नेहा सिंह राठौर (Neha Singh Rathore) को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा था। पहले नोटिस पर उन्होंने तबीयत खराब होने का हवाला दिया था। इसके बाद दोबारा भेजे गए नोटिस पर 3 जनवरी की रात वह अपने पति के साथ हजरतगंज कोतवाली पहुंचीं और पुलिस के सामने अपनी बात रखी।
सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट निर्देश:
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी (Justice J.K. Maheshwari) और न्यायमूर्ति अतुल एस. चंदुरकर (Justice Atul S. Chandurkar) शामिल थे, ने उत्तर प्रदेश सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि नेहा सिंह राठौर के खिलाफ फिलहाल कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। साथ ही उन्हें जांच अधिकारी के सामने पेश होने और जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया गया है।
लखनऊ पुलिस का पक्ष:
लखनऊ पुलिस के अनुसार, 12 मई को नेहा सिंह राठौर (Neha Singh Rathore) के गीत को लेकर विवाद शुरू हुआ था। आरोप लगाया गया कि गीत में प्रयुक्त शब्दों के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की तुलना जनरल डायर से की गई है। इसी आरोप के आधार पर विभिन्न स्थानों पर शिकायतें दर्ज कराई गईं।
वाराणसी में बड़ी संख्या में शिकायतें:
20 मई को हिंदू संगठनों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने नेहा सिंह राठौर (Neha Singh Rathore) के खिलाफ वाराणसी (Varanasi) कमिश्नरेट के तीन जोन के 15 थानों में 500 से अधिक शिकायतें दीं। इनमें से अकेले लंका थाने में 318 शिकायतें दर्ज की गईं। इन शिकायतों में गीत और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर आपत्ति जताई गई थी।
नेहा का सार्वजनिक बयान:
विवाद बढ़ने के बाद नेहा सिंह राठौर (Neha Singh Rathore) ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह सरकार से सवाल पूछ रही हैं, लेकिन उनके सवालों का जवाब देने के बजाय उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि चार सौ नहीं, चार लाख एफआईआर भी दर्ज कराई जाएं, वह डरने वाली नहीं हैं।
पहलगाम हमले से जुड़ी पोस्ट पर आरोप:
22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले को लेकर नेहा सिंह राठौर (Neha Singh Rathore) ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट की थीं। इन पोस्टों से आहत होकर अभय प्रताप सिंह (Abhay Pratap Singh) ने हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप लगाया गया कि इन पोस्टों के जरिए दो समुदायों के बीच नफरत फैलाने और देश की अखंडता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
शिकायतकर्ता के आरोप:
अभय प्रताप सिंह (Abhay Pratap Singh) का आरोप है कि नेहा सिंह राठौर की गतिविधियां सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और अशांति फैलाने के उद्देश्य से की गई थीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इन पोस्टों को पाकिस्तान में व्यापक रूप से साझा किया गया और वहां के मीडिया द्वारा भारत की आलोचना के लिए इस्तेमाल किया गया, जिससे देश की छवि को नुकसान पहुंचा।
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