रिपोर्ट: सऊद अंसारी
Lucknow: पुराने लखनऊ की ऐतिहासिक धरोहर छोटे इमामबाड़े का शाही तालाब इन दिनों बदहाली का शिकार है। आलम यह है कि तालाब में मछलियों की लगातार मौत हो रही है, जिससे माहौल गमगीन हो उठा है। यह दृश्य न केवल स्थानीय लोगों बल्कि यहां आने वाले जायरीनों के लिए भी चिंता का विषय बन गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
तालाब की दयनीय स्थिति तब सुर्खियों में आई जब एक ज़ायरीन ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। वीडियो सामने आते ही तालाब की दुर्दशा पर बहस छिड़ गई। लोग सवाल करने लगे कि इतने महत्वपूर्ण धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल के रखरखाव में आखिर लापरवाही क्यों बरती जा रही है।
सफाई और रखरखाव पर गंभीर आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि शाही तालाब की हालत खराब होने की बड़ी वजह साफ-सफाई और नियमित रखरखाव का अभाव है। लोगों ने आरोप लगाया कि चारों ओर फैली गंदगी और उपेक्षा की तस्वीरें साफ तौर पर हुसैनाबाद ट्रस्ट की लापरवाही की ओर इशारा करती हैं।
14–15 साल से उपेक्षित सफाई व्यवस्था
जानकारी के अनुसार, शाही तालाब की बड़े पैमाने पर सफाई लगभग 14–15 साल पहले की गई थी। उसके बाद से केवल खानापूरी के तौर पर ही देखभाल की गई। इस लंबे अंतराल ने तालाब की स्थिति को और बिगाड़ दिया, जिसके चलते यहां मछलियों की जान पर भी बन आई है।
स्थानीयों की नाराज़गी
लखनऊ के इस हिस्से में रहने वाले लोगों का कहना है कि ट्रस्ट के पास पर्याप्त कर्मचारी और पदाधिकारी मौजूद हैं, इसके बावजूद तालाब की हालत बदतर है। उनका सवाल है कि जब जिम्मेदारी तय है तो फिर शाही तालाब की दुर्दशा का जिम्मेदार कौन है।
ऐतिहासिक धरोहर पर संकट
छोटे इमामबाड़े का शाही तालाब धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां हर साल हजारों जायरीन आते हैं। मगर तालाब की लगातार बिगड़ती हालत न केवल धरोहर की गरिमा को ठेस पहुंचा रही है बल्कि लोगों की भावनाओं को भी आहत कर रही है।