Video: अमित शाह का लोकसभा में बड़ा बयान : बस्तर से नक्सलवाद लगभग खत्म

संसद के निचले सदन लोकसभा (Lok Sabha) में नक्सलवाद के मुद्दे पर हुई चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने देश में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ चल रहे अभियानों को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद लगभग समाप्ति की ओर है और यह सुरक्षा बलों के लगातार प्रयासों और विकास योजनाओं का परिणाम है। इस दौरान उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य देश को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाना है।

बस्तर में सुरक्षा और विकास पर जोर:
अमित शाह (Amit Shah) ने अपने संबोधन में बताया कि बस्तर (Bastar) जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि वहां के गांवों में स्कूल और राशन की दुकानों की स्थापना की गई है, जिससे आम लोगों को मूलभूत सुविधाएं मिल रही हैं। सरकार की योजनाओं के तहत गरीबों को आवास, गैस, स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाएं भी प्रदान की गई हैं। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि पहले इन क्षेत्रों तक विकास क्यों नहीं पहुंच पाया, जबकि लंबे समय तक अन्य सरकारों का शासन रहा।

कांग्रेस पर निशाना और सवाल:
गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कांग्रेस (Congress) पर आरोप लगाते हुए कहा कि कई दशकों तक शासन करने के बावजूद आदिवासी क्षेत्रों में अपेक्षित विकास नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा गया, जिसके कारण इन इलाकों में नक्सलवाद को पनपने का अवसर मिला। उन्होंने यह भी कहा कि अब वर्तमान सरकार इन क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास कर रही है।

वामपंथी विचारधारा को बताया कारण:
अपने भाषण में अमित शाह (Amit Shah) ने नक्सलवाद के फैलाव के पीछे वामपंथी विचारधारा को प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी इस समस्या को देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना गया था, लेकिन उस समय ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। वर्ष 2014 के बाद हालात में बदलाव आया और सरकार ने इस दिशा में सख्त कदम उठाए।

आदिवासी समाज की आवाज संसद तक पहुंची:
गृह मंत्री ने रेड कॉरिडोर (Red Corridor) के क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि आदिवासी समाज लंबे समय से अपनी समस्याओं को राष्ट्रीय मंच पर उठाने की प्रतीक्षा कर रहा था। उन्होंने इस चर्चा को एक महत्वपूर्ण अवसर बताया, जिससे आदिवासी समुदाय की आवाज संसद तक पहुंची है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से यह भी पूछा कि उन्होंने अपने क्षेत्रों के विकास के लिए क्या प्रयास किए हैं।

नक्सलवाद के खिलाफ अभियान को मिली सफलता:
अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद का लगभग अंत होना सरकार की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय सुरक्षा बलों के साहस और बलिदान को दिया। उन्होंने दोहराया कि सरकार का संकल्प है कि पूरे देश को जल्द से जल्द नक्सलवाद से मुक्त किया जाएगा।

राज्य सरकार और केंद्र का समन्वय:
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (Vishnu Deo Sai) ने भी इस दिशा में हो रही प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से बदलाव आ रहा है। सुरक्षा बलों की कार्रवाई और विकास योजनाओं के कारण अब इन क्षेत्रों में शांति का माहौल बन रहा है।

निर्धारित समय में लक्ष्य पूरा करने का दावा:
भाजपा सांसद संतोष पाण्डेय (Santosh Pandey) ने भी लोकसभा (Lok Sabha) में चर्चा के दौरान कहा कि मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नक्सलवाद मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि लगातार हो रही कार्रवाई, आत्मसमर्पण और विकास कार्यों ने नक्सलियों की गतिविधियों को काफी हद तक सीमित कर दिया है। उनके अनुसार, अब गांव-गांव में विश्वास और सुरक्षा का वातावरण बन रहा है।

निष्कर्ष – बदलते हालात की तस्वीर:
नक्सलवाद के खिलाफ जारी अभियानों और विकास योजनाओं के चलते बस्तर (Bastar) सहित कई प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। सरकार का दावा है कि सुरक्षा और विकास के संतुलन से इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है और देश को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में ठोस प्रगति हो रही है।


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